ट्रेन के नजीबाबाद स्टेशन पर पहुंचते ही सादा वर्दी पहने 100 पुलिसकर्मियों ने ट्रेन की भीतर ताबड़तोड़ चेकिंग की। हालांकि पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा और वह खाली हाथ लौट गई। वहीं ट्रेन को कुछ समय रोके जाने और तलाशी अभियान पूरा होने के बाद रवाना कर दिया गया।
कमलेश तिवारी हत्याकांड के तार पश्चिम से जुड़े होने पर एक तरफ जहां मौलानाओं के समर्थकों में खलबली मची हुई है। वहीं पुलिस इस बात की भी आशंका जता रही है कि हत्यारे छिपने के लिए भी पश्चिमी यूपी का रुख कर सकते हैं।
उधर, धामपुर में कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।