नजीबाबाद के जोगीरम्पुरी में शिया धर्मगुरू की याद में आयोजित मजलिस को खिताब करते मौलाना कसीम अब्?
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नजीबाबाद। शिया धर्मगुरु डा.कल्बे सादिक की याद में जागीरम्पुरी दरगाह पर मजलिस का आयोजन किया गया।
दरगाह-ए-आलिया नजफ-ए-हिंद जागारम्पुरी में शिया समाज की ओर से धर्मगुरु डा. कल्बे सादिक के इंतकाल पर उन्हें मजलिस के जरिए खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। मौलाना कसीम अब्बास ने डा. कल्बे सादिक को हिंदू-मुस्लिम और शिया-सुन्नी के बीच बेहतर संबंधों और गंगा जमुुनी तहजीब को कामय रखने का सच्चा मसीहा करार दिया। मौलाना कसीम ने उनकी मौत पर रंजोगम का इजहार करते हुए फरमाया सादिक तुम्हारे मरने से साबित ये हो/आलिम की मौत अस्ल में आलम की मौत है..।
मजलिस के दौरान डा. कल्बे सादिक की समाज में अमनो-अमान बनाने, शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव प्रयास करने, समाजसेवी इदारे खोलने में सक्रिय भाग लेने का शिया विद्वानों ने जिक्र करते हुए उन्हें एकता और कौमी इत्तेहाद का मसीहा बताया। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष रहे डा. कल्बे सादिक के इंतकाल पर दरगाह के सचिव जफर मुज्तबा, मुजाहिद हुसैन नकवी, मौलाना आबिद मेहदी, अली अब्बास, जावेद हुसैन, कुदरत हुसैन, समर अब्बास, मौलाना मुख्तार, इरफान हैदर, मौलाना हैदर अली ने संवेदना व्यक्त की।