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मिला न्याय : बिजनौर के कांठ बवाल मामले में सात साल बाद सभी आरोपी बरी, इस बात पर हुआ था विवाद

Wed, 12 Jan 2022 11:26 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क अमर उजाला, बिजनौर

सार

प्रशासन ने बवाल की आशंका के चलते महापंचायत पर रोक लगा दी थी और कांठ की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया था। भीड़ को एकत्र होने से रोकने पर वहां बवाल हो गया था। बवाल के दौरान तत्कालीन डीएम मुरादाबाद समेत कई अधिकारी घायल हो गए थे।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में नूरपुर के धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर सात साल पहले मुरादाबाद के कस्बा कांठ में हुए बवाल के मामले में न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। इस मामले में नूरपुर के भी आठ व्यक्ति आरोपी बनाए गए थे। उनके कोर्ट से दोषमुक्त होने पर परिजनों में खुशी का माहौल है।

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वर्ष 2014 में मुरादाबाद जनपद की कांठ तहसील के गांव अकबरपुर चैदरी गांव में एक धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दो पक्षों में तनाव हो गया था। प्रशासन द्वारा लाउडस्पीकर उतरवाए जाने पर चार जुलाई 2014 को एक पक्ष की ओर से कांठ में महापंचायत बुलाई गई थी।

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प्रशासन ने बवाल की आशंका के चलते महापंचायत पर रोक लगा दी थी और कांठ की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया था। इसके बाद भी गांवों के रास्ते से होकर बड़ी संख्या में लोग कांठ पहुंच गए थे। प्रशासन द्वारा भीड़ को एकत्र होने से रोकने पर वहां बवाल हो गया था। बवाल के दौरान तत्कालीन डीएम मुरादाबाद समेत कई अधिकारी घायल हो गए थे।

इस मामले में पुलिस ने बड़ी संख्या में गिरफ्तारी की थीं। गिरफ्तार होने वालों में नूरपुर के भाजपा नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र जोशी, हरभजन सिंह अमन, प्रेमपाल रवि, बेगराज चौहान के अलावा ग्राम राहूनंगली निवासी जसवेंद्र पांडे, हरमीत सिंह उर्फ जीवन, राजपाल सिंह व कमलकिशोर भी शामिल थे। इनके विरुद्ध जानलेवा हमला सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 
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करीब तीन माह जेल में रहने के बाद सभी को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इस मामले में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधियों के आरोपी होने से यह मामला मुरादाबाद के एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहा था। नूरपुर निवासी बेगराज चौहान की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

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