स्योहारा। क्षेत्र में एक मां ऐसी है, जिसके लिए हर दिन एक नई पीड़ा लेकर आता है। छह महीने से वह थाने की चौखट पर खड़ी होकर सिर्फ एक सवाल पूछ रही है, “मेरी बेटी कहां है?” लेकिन पुलिस के पास कोई जवाब नहीं होता। न कोई सुराग, न कोई सूचना, बस तारीखें बदल रही हैं और एक मां की आंखों से आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे।
नगर के मोहल्ला हयातनगर निवासी शबाना पत्नी शहाबुद्दीन ने करीब छह माह पूर्व थाने में तहरीर देकर नगर निवासी अजीम अहमद पर अपनी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। कुछ दिन बाद आरोपी अजीम तो वापस स्योहारा आ गया, लेकिन शबाना की बेटी आज तक घर नहीं लौटी। मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस ने नौ सितंबर को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली थी, लेकिन पांच माह बीत जाने के बाद भी युवती का कोई अता-पता नहीं चल सका है। शबाना रोज थाने आती है।
कभी हाथ जोड़कर, कभी रोते हुए, हर बार यही उम्मीद लेकर आती है कि शायद आज कोई खबर मिलेगी। मगर हर दिन उसे खाली हाथ लौटना पड़ता है। हर बार पुलिस का वही रटा रटाया जवाब मिलता है पुलिस अपना काम कर रही है।