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बिजनौर के अमानगढ़ में भी शुरू हो गई जंगल सफारी

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अमानगढ़ मे घूमता सांप - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर के अमानगढ़ में भी शुरू हो गई जंगल सफारी
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बिजनौर। पिछले एक दशक से चला आ रहा इंतजार मंगलवार को समाप्त हो गया। मंगलवार को प्रदेश के दुधवा, पीलीभीत, कतर्नियाघाट के साथ बिजनौर के अमानगढ़ में भी पर्यटन सत्र और जंगल सफारी का शुभारंभ किया गया।
यह पहला मौका है जब अमानगढ़ पर्यटकों के लिए खोला गया है। वन अधिकारियों की मौजदूगी में विधायक सुशांत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल सफारी के लिए रवाना किया। डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि अमानगढ़ प्रदेश का सबसे बड़ा तीसरा टाइगर रिजर्व है। 2012 में अमानगढ़ को बाघ आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था।
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केहरीपुर जंगल इको विकास समिति द्वारा संचालित जिप्सी के लिए पर्यटकों को 2280 रुपये चुकाने होंगे। यदि कोई निजी पर्यटक वाहन के साथ प्रवेश करता है तो प्रत्येकसे 300 रुपये प्रति वाहन और 100 रुपये प्रति व्यक्ति वसूले जाएंगे। विदेशी नागरिक के लिए प्रति व्यक्ति 600 रुपये लिए जाएंगे। गाइड के 400 रुपये चुकाने होंगे।
27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं आकर्षण का केंद्र
अमानगढ़ वन रेंज में हर वो वन्य जीव मौजूद हैं, जिसे देखने लोग हजारों रुपये खर्च कर कार्बेट पार्क जाते हैं। यहां पर 27 बाघ और सौ से ज्यादा हाथी हैं। इसके अलावा भालू, गुलदार, पैंगोलिन, अजगर जैसे जीव भी दिखाई देते हैं। यहां पर चीतल, हिरण के दर्जनों की संख्या में झुंड दिखाई पड़ते हैं।
दिन में ही पर्यटन कर सकते हैं पर्यटक
अमानगढ़ में जंगल सफारी में पर्यटन के लिए केवल दिन में ही अनुमति दी गई है। रात में जंगल में रुकने पर पाबंदी है।
नवंबर से मार्च तक शीतकालीन और अप्रैल से जून तक ग्रीष्मकालीन दो भागों में समय को बांटा गया है। शीतकालीन सत्र में सुबह साढ़े छह से सुबह दस बजे तक, दूसरी शिफ्ट में दोपहर दो से सूर्यास्त तक ही जंगल में घूमने की अनुमति होगी। इसी तरह ग्रीष्मकालीन सत्र में सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक, दोपहर तीन बजे से सूर्यास्त तक पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
जंगल सफारी से खुलेंगे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर: सुशांत
बिजनौर। पिछले एक दशक से चला आ रहा इंतजार मंगलवार को समाप्त हो गया। अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए पर्यटन सत्र का शुभारंभ कर दिया गया। इससे पहले केहरीपुर चौकी पर हवन कराया गया। इसके बाद पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल में प्रवेश दिया गया। विधायक सुशांत सिंह ने कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।
इस मौके पर वन विभाग के वन संरक्षक रमेश चंद्रा, डीएफओ डॉ.अनिल पटेल, एसडीओ ज्ञान समेत तमाम अफसर कार्यक्रम में आए। अमानगढ़ में पर्यटन के महत्व को समझाया गया।विधायक सुशांत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर पर्यटकों के लिए आई जिप्सी को जंगल सफारी के लिए रवाना किया। इस मौके पर अफसरों और विधायक ने अमानगढ़ में जंगल सफारी भी की। वन संरक्षक मुरादाबाद रमेश चंद्र ने भाजपा विधायक को हाथी की प्रतिमा भेंट की। इस मौके पर एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रदीप कुमार बबली, एसडीएम धामपुर मनोज कुमार सिंह, एसपी पूर्वो धर्म सिंह मार्छाल, सीओ अफजलगढ़ भरत सोनकर, रेंजर राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
रात में जंगल में घूमे तो करनी पड़ेगी जेल सफारी
बिजनौर। अमानगढ़ में जंगल सफारी में पर्यटन के लिए केवल दिन में ही अनुमति दी गई है। रात में जंगल में रुकने पर पाबंदी है। वहीं सूर्यास्त के बाद जंगल में रुकने और घूमने वालों पर कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके लिए केहरीपुर चौकी पर समय सारिणी भी चस्पा कर दी गई है।
वन विभाग अमानगढ़ में पर्यटन के साथ-साथ वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए भी कड़े नियम बना रहा है। वन्य जीवों को परेशानी और नुकसान न हो, इसके लिए पर्यटन केवल दिन के समय ही निर्धारित किया है। नवंबर से मार्च तक शीतकालीन और अप्रैल से जून तक ग्रीष्मकालीन दो भागों में समय को बांटा गया है। एसडीओ वन विभाग ज्ञान सिंह ने बताया कि पर्यटकों को इन नियमों को पता रहे, इसके लिए पूरी सूचना चस्पा कराई गई है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है तो कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके साथ ही रात में यदि कोई घूमता है या जंगल में रुकने का प्रयास करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
जारी किया पर्यटन का लोगो
वन विभाग ने अमानगढ़ में जंगल सफारी का लोगों भी जारी कर दिया है। लोगो में बाघ और हाथी को जगह दी गई है। इसके साथ ही केहरीपुर चौकी पर ही पूरे अमानगढ़ का मानचित्र और वहां मौजूद वन्य व वनस्पति संपदा की जानकारी भी दी गई है। इसका मकसद पर्यटकों को अमानगढ़ के प्रति उत्साह बढ़ाना है।
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निजी वाहनों को नहीं दिया प्रवेश
अमानगढ़ में जंगल सफारी का शुभारंभ हुआ तो वहां रजिस्टर्ड जिप्सी के साथ अफसर और नेता पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में निजी वाहन से भी लोग अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। वन अफसरों ने निजी वाहनों को जंगल में प्रवेश नहीं दिया। केवल रजिस्टर्ड जिप्सी से ही जंगल सफारी कराई गई।

अमानगढ़ मे घूमते चीतल- फोटो : BIJNOR

अमानगढ़ मे घूमता हाथी- फोटो : BIJNOR

अमानगढ़ मे बना टरमाइट कैवे- फोटो : BIJNOR

अमानगढ़ टूरिज्म का लोगो।- फोटो : BIJNOR

अमानगढ़ में हरी झंडी दिखाकर जंगल सफारी का शुभारंभ करते अतिथिगण।- फोटो : BIJNOR

अमानगढ़ में हरी झंडी दिखाकर जंगल सफारी के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते विधायक सुशांत सिंह।- फोटो : BIJNOR

अमानगढ़ में पर्यटन के लिए जाते लोग।- फोटो : BIJNOR

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