बिजनौर में झमाझम बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। बारिश से शहर की सभी कॉलोनी व मोहल्लों की सड़कें पानी में डूब गईं। आवास विकास में घरों तक में पानी भर गया। पानी न निकलने से नागरिकों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। रामलीला चौराहे की तरफ बने मकानों में भी पानी भर गया। बिजनौर तहसील में सबसे अधिक 105 एमएम बारिश हुई।
रविवार सुबह को करीब साढ़े पांच बजे हल्की बौछार पड़नी शुरू हुई। कुछ ही मिनटों में बौछारों ने मूसलाधार बारिश का रूप ले लिया। बादलों से इतना पानी बरसा कि सभी गली मोहल्ले की सड़कें पानी में डूब गईं। आवास विकास कॉलोनी के पानी निकालने की पहल से ही कोई सही व्यवस्था नहीं है। बारिश यहां बर्बादी लेकर आती है। आज की बारिश से कॉलोनी की सड़कें पानी में डूबी रहीं। कई घरों व दुकानों में भी पानी भर गया। इंदिरा पार्क भी पानी से लबालब भर गया। नई बस्ती, चाहशीरी, जाटान, काजीपाड़ा, सिविल लाइंस, साकेत कॉलोनी, मुख्य बाजार आदि में भी पानी भरा रहा। सुबह करीब दस बजे तक यही स्थिति रही। इसके बाद भी बारिश रुक-रुककर होती रही। वहीं बारिश से गांव-देहात में बने तालाब भी पानी से लबालब हो गए। शीतला माता मंदिर के पास बना तालाब भी पानी से ऊपर तक भर गया। बारिश का आलम यह रहा कि रेतीले खेतों जहां पर पानी को एकदम जमीन सोख लेती है, वहां भी पानी एक खेत से दूसरे खेतों में बहता रहा। मौसम वेधशाला के प्रेक्षक डा.आरके शर्मा के अनुसार अभी आर्द्रता बहुत बढ़ी है और बारिश होने की प्रबल संभावना है।
हरेवली बैराज का निरीक्षण किया
हरेवली। बाढ़ की आशंका के चलते एसडीएम सतेंद्र कुमार सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ रविवार को हरेवली बैराज के गेटों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बैराज के गेटों को वन विभाग के अधिकारियों से चलाकर देखा। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को गेटों की देखभाल सहित विषम परिस्थितियों में बाढ़ से निपटने के लिए दिशा निर्देश दिए। गौरतलब है कि 2010 में आई अचानक बाढ़ में हरेवली बैराज के गेट जाम होने की वजह से नहीं उठ पाए थे, जिससे क्षेत्र में बाढ़ की भयानक स्थिति पैदा हो गई थी। निरीक्षण में एसडीओ आरके सिंह, जेई प्रमोद कुमार रहे।
बारिश में इंदिरा पार्क तबाह
भारी बारिश इंदिरा पार्क पर भी आफत बनकर टूटी। रात से शुरू हुई बारिश ने बोरे लगाने और साइड में दीवार बनाने की जगह से नाले को तोड़ दिया। नाले का सारा पानी पार्क के निचले भाग में भर गया। सवेरे से टूटे नाले से शाम तक पानी का प्रवाह जारी था। उधर, पार्क के पूर्व और उत्तर के भाग की कॉलोनी का गंदा पानी तेजी से पार्क में आया। पानी स्कैंटिंग रिंक, बच्चा पार्क में भर गया। इससे भी पार्क तो भारी नुकसान पहुंचाया। यहां तक की कैँटीन क्षेत्र में भी पानी भर गया। वहीं नगीना में भी दिन भर रुक रुक कर बारिश हुई। नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार ने बताया कि खो नदी में अभी पानी नहीं आया है। लेखपालों को तत्काल बाढ़ आने पर सूचना देने के निर्देश दिए है।