बनैली नदी में जेसीबी, डंपरों से चल रहा खनन
अफजलगढ़। प्रशासन के लाख दावों के बावजूद मिट्टी खनन नहीं थम रहा है। बनैली नदी में व्यापक पैमाने पर जेसीबी मशीरों और डंपरों से खनन किया जा रहा है। इसी स्तर पर खनन होता रहा तो बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भारी समस्या से जूझना पड़ सकता है। माफिया ने नदी के दोनों तटों की दीवारों को भी तोड़ डाला है।
राजपाल सिंह, थम्मन सिंह, तावेंद्र सिंह, महावीर सिंह, मोहन सिंह, ब्रजमोहन सिंह, टिकेंद्र सिंह, चौके सिंह आदि का कहना है कि खनन माफिया नदी के तटों का काटकर जेसीबी और डंपरों से बालू का खनन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पोर्कलेन से नदी में खनन कर 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। बड़े पैमाने पर नदी के तट काटकर क्षति पहुंचाई जा रही है। यदि माफिया पर अंकुश नहीं लगा तो बरसात में गांव शाहपुरजमाल, हरपुर और माननगर सहित करीब आधा दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी में हो रहे खनन पर तत्काल रोक लगवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने खनन नहीं रुकवाया तो वह स्वयं माफिया के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे। वहीं, खनन माफिया निर्माणाधीन फोरलेन कार्य में मिट्टी भराव का हवाला दे रहे हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता धनंजय सिंह, खनन अधिकारी डॉ. रंजना सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।