गांव गुनियापुर में धरने के दौरान नारेबाजी करते जाट समाज के लोग।
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बिजनौर के नजीबाबाद में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने गुनियापुर में जाट न्याय धरने में केंद्र और हरियाणा सरकार पर जाट विरोधी आचरण अपनाने का आरोप लगाया। धरने पर बैठे जाट नेताओं ने हरियाणा में जाट आंदोलन को न्यायोचित बताते हुए समर्थन देने की घोषणा की।
जाट आरक्षण के संबंध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग संशोधन बिल 2015 को पास किए जाने के मुद्दे को लेकर गुनियापुर के पंचायतघर पर जाट समाज की ओर से जाट न्याय धरना दिया गया। चंद्रपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित धरने में समिति के प्रदेश अध्यक्ष मानवेंद्र वर्मा, राजेंद्र सिंह, विजय पाल सिंह,
डा.अनीता सिंह, चौधरी कुलवीर सिंह और जिला पंचायत सदस्य चौधरी यशवीर सिंह ने हरियाणा आंदोलन में मारे गए लोगाें के परिवारों को मुआवजा देने, और सदस्यों को सरकारी नौकरी देने की मांग की।
बाबूराम तोमर के संचालन में हुए धरने में हरियाणा के जाट नेता यशपाल मलिक के खिलाफ लिखाया गया देशद्रोह का मामला तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रधानमंत्री के नाम संबोधित नौ सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम शिशिर कुमार यादव को सौंपा। धरने में अवनीश कुमार, होशियार सिंह, सत्यपाल सिंह, महिपाल सिंह, सुरजीत सिंह, महेंद्र सिंह, नपेंद्र सिंह उर्फ सीटू, दिग्विजय सिंह आदि ने भाग लिया।