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जेल की क्षमता 580 की, बंद हैं 1042 बंदी

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बिजनौर जिला कारागार। - फोटो : BIJNOR
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जेल की क्षमता 580 की, बंद हैं 1042 बंदी
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बिजनौर। ब्रिटिश जमाने की जिला जेल में क्षमता से दोगुने बंदी हैं। जेल प्रशासन को बंदियों को रखने की व्यवस्था बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जेल में बंदियों की यह समस्या जस की तस है। जेल में 580 बंदियों को रखने की क्षमता है। 1042 बंदी जेल में बंद हैं। हालांकि जेल में बंदियों की संख्या समय-समय पर घटती-बढ़ती रहती है।
बिजनौर की जेल ब्रिटिश जमाने की है। देश की आजादी से पहले 1852 में ये जेल बनी थी। जेल के पास 12.4 हेक्टेयर जमीन है। 930 मीटर लंबाई में जेल बनी हुई है। बाकी जमीन में खेतीबाड़ी होती हैं। खेती के काम में निपुण बंदियों से इस जमीन में खेती का काम लिया जाता है। जेल में पहले से बंदियों की संख्या क्षमता से ज्यादा रहती हैं। कई बार दोगुने से ज्यादा भी बंदी हो जाते हैं। इस हालात में जेल प्रशासन को बंदियों को रखने की व्यवस्था बनाने में भारी पापड़ बेलने पड़ते हैं। हालांकि जेल में नई बैरक भी बनती रही हैं। जेल में 580 बंदियों को रखने की क्षमता हैं। 1042 बंदी जेल में हैं। जेल में दो नई बैरक बनाई जा रहीं हैं। इनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इन बैरक के बनने के बाद जेल में बंदियों को रखने की क्षमता 580 से बढ़कर 640 हो जाएगी।
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बिना चबूतरे की बन रही बैरक, पुराने चबूतरे भी टूटे
जेल अफसरों की मानें तो नई बैरक बनने के बाद बंदियों को बैरक में रखने में समस्या नहीं आएगी। ब्रिटिश जमाने की जेल में बैरक में बंदियों को रखने के लिए चबूतरा बनाया जाता था, पर अब इस तरह की बैरक नहीं बनाई जातीं। वर्ष 1990 के बाद जो बैरक जेलों में बन रही हैं। उनमें चबूतरा नहीं बनता। प्लेन फर्श बैरक में डाला जाता हैं। एक साथ कई बंदी आराम से फर्श पर सो जाते हैं। जेल में 18 बैरक हैं इनमें दो महिला बैरक हैं। दोनों महिला बैरक सटी हुई हैं। एक महिला बैरक की क्षमता 30 बंदियों की है। इनमें एक बैरक में 35 महिला बंदी हैं।
अमरोहा के बंदी आने की तैयारी में
जिला जेल में पहले से ही दोगुने बंदी हैं। डीआईजी ने अमरोहा जेल के बंदियों को बिजनौर जेल में शिफ्ट करने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया कि सेशन ट्रायल के अमरोहा जेल के बंदियों को बिजनौर जेल में शिफ्ट करना है। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह ने डीआईजी जेल बरेली को जेल की क्षमता के बारे में अपनी रिपोर्ट भेज दी हैं। कहा कि बिजनौर जेल की बैरकों में जगह नहीं है। पुलिस गार्ड भी नहीं मिल पाते हैं। ऐसे हालात में अमरोहा के बंदी बिजनौर जेल में शिफ्ट नहीं किए जा सकते हैं।
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स्टाफ का भी है टोटा
जेल अधीक्षक के मुताबिक जेल में स्टाफ का भी भारी टोटा हैं। 48 बंदी रक्षकों की जगह 24 रक्षक है। चार डिप्टी जेलर होने चाहिए पर उनके पास दो ही डिप्टी जेलर हैं। इनसे ही काम चलाया जा रहा है।
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