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सायक एक नाभि सर सोषा, अपर लगे सिर भुज करि रोषा।

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सायक एक नाभि सर सोषा...
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बिजनौर। सायक एक नाभि सर सोषा, अपर लगे भुज सिर करि रोषा, लै सिर बाहु चले नाराचा, सिर भुजहीन रूंड महिंनाचा।
श्रीराम के एक बाण से रावण की नाभि कुंड के अमृत को सुखा डाला। बाकी तीस बाण क्रोधपूर्वक सिर व भुजाओं में जा लगे। बाण सिरों और भुजाओं को ले चले। बिना सर और भुजाओं वाला धड़ पृथ्वी पर नाचने लगा।
श्रीरामलीला मैदान में कुंभकर्ण व लक्ष्मण के बीच भयंकर युद्ध होता है। कुंभकर्ण श्रीराम की सेना को मारने लगता है। तब श्रीराम युद्ध मैदान में आते हैं और कुंभकर्ण का संहार करते हैं। इसका पता चलने पर रावण बहुत दुखी व क्रोधित होता है। अगले दिन वह युद्ध की तैयारी करता है तो उसकी पत्नी मंदोदरी उसे युद्ध करने से रोकती है, लेकिन रावण युद्ध करने उतरता है। रावण और श्रीराम के बीच युद्ध होने लगता है। देवताओं द्वारा राम के लिए रथ भेजा जाता है। श्रीराम बाण से रावण के सिर काटते हैं तो उसकी जगह दूसरा सिर आ जाता है। तब विभीषण श्रीराम से रावण की नाभि में तीर मारने को कहते हैं। श्रीराम रावण की नाभि में बाण मारकर अमृत को सुखा देते हैं और उसके सभी सिर काटकर संहार कर देते हैं। इस दौरान समिति अध्यक्ष अचल अग्रवाल, राहुल शर्मा, प्रदीप कौशिक, राजेंद्र गौतम, संजय गुप्ता, अंकुर गौतम, वरुण अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
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राम लीला मैदान में रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का किया दहन
बिजनौर। श्रीरामलीला सेवा समिति द्वारा दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। रामलीला मैदान में रावण और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया।
श्रीरामलीला मैदान को भव्य तरीके से सजाया गया। मैदान में रावण और कुंभकर्ण के पुतले लगाए गए। करीब पांच बजे से आतिशबाजी शुरू की गई। पटाखों के साथ साथ स्काई शॉटस ने सभी का मनोरंजन किया। बच्चे आतिशबाजी को देखकर खुश होते रहे। आसमान में जाकर फूट रहे स्काई शॉर्ट्स को हर कोई देखता रह गया। कलाकारों के साथ भाजपा परिवहन मंत्री स्वतंत्र प्रभार अशोक कटारिया, विधायक सुचि मौसम चौधरी, ऐश्वर्य चौधरी, एसपी संजीव त्यागी ने रावण और मेघनाद के पुतले पर तीर मारकर उसका दहन किया। पटाखों की तेज आवाज के साथ बुराई और असत्य का प्रतीक रावण जलकर राख हो गया। पंडित प्रवीण शास्त्री ने मंत्रोच्चारण किया। रावण का पुतला दहन होते ही रामलीला मैदान जय श्री राम के उद्घोष से गूंजायमान हो गया। इस दौरान डा.टीसी अग्रवाल, जिला बार अध्यक्ष एसके बबली, चेयरपर्सन के पति शमशाद अंसारी, सीताराम राणा, डा.सूर्यमणि रघुवंशी, एसडीएम बृजेश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी मंडल अध्यक्ष एनपी सिंह, ज्योतिषविद ललित शर्मा, सौरभ सिंघल, दीपक गर्ग मोनू आदि मौजूद रहे। श्रीराम दरबार की आरती की गई। इस दौरान आयोजन स्थल पर मेला लगा रहा। दुकानों पर बच्चों ने खिलौनों की खूब खरीदारी की। श्रीराम लीला मंचन देखने के लिए रामलीला मैदान में भारी भीड़ उमड़ी। मकानों व दुकानों की छत पर भी लोग जमे रहे।
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मेघनाद व कुंभकर्ण का किया संहार
बिजनौर। श्रीरामलीला सेवा समिति के तत्वावधान में सोमवार रात मेघनाद व कुंभकर्ण वध लीला का मंचन किया गया। श्रीराम हनुमान को सीता माता की खोज में लंका भेजते हैं। वहां हनुमान सीता माता को श्रीराम का संदेश देते हैं और अशोक वाटिका को नष्ट कर देते हैं। रावण उनकी पूंछ में आग लगा देता है तो हनुमान पूंछ में लगी आग से लंका को जला देते हैं। श्रीराम नाम के पत्थर से वानर सेना समुद्र पर पुल बनाती है। श्रीराम अंतिम अवसर देते हुुए अंगद को रावण के पास भेजते हैं। अंगद रावण के दरबार में पैर जमाकर कहता है कि अगर किसी ने उसे तनिक भी हिला दिया तो राम की सेना वापस लौट जाएगी। रावण अंगद का पैर उठाने को आता है तो अंगद उसे राम के पैर पकड़ने की बात कहकर आ जाते हैं। श्रीराम और रावण की सेना में युद्ध होता है। मेघनाद के शक्ति बाण के प्रहार से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचाते हैं। लक्ष्मण मेघनाद का और राम कुंभकर्ण का संहार करते हैं।
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