कालागढ़। बाघों के आबादी में विचरण करने की वजह से रात्रि में आयोजित होने वाले विवाह समारोह में आना-जाना भी जोखिमभरा हो रहा है। कालागढ़ में बाघ अब तो दिन में ही नजर आ जाते हैं। हाईडिल कालोनी से केन्द्रीय, लकड़घाट चौकी, पुराना कालागढ़ में बाघ का विचरण आम हो चला है। रात्रि में तो बाघ नजर आते ही हैं ,अब तो यह दिन में कभी भी कहीं भी दिखाई दे रहे हैं।
विवाह का समय चल रहा है। जगह जगह विवाह समारोह हो रहे हैं। रात्रि में विवाह समारोह में आते जाते बाघ का खतरा है। नागरिकों हाजी रईस अहमद, शानू, शालू अग्रवाल, फय्याज अहमद आदि का कहना है कि वन विभाग को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। बारातियों, घरातियों व मेहमानों की सुरक्षा आवश्यक है।