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मालन अभियान: सिंचाई विभाग को सौंपी सर्वे की जिम्मेदारी

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बिजनौर में मालन नदी का तटबंध बनाते ट्रैक्टर। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। मालन अभियान जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, इसमें विभागों की भागीदारी भी बढ़ने लगी है। अब मालन नदी में बाढ़ रोकने के लिए सिंचाई विभाग सर्वे करने जा रही है। इसमें सिंचाई विभाग का बाढ़ नियंत्रण पर तकनीकि रिपोर्ट तैयार करेंगे। साथ ही बाढ़ आने के कारण और उन कारणों को दूर करने के उपाय भी बताएंगे। ताकि यह नदी अपने मूल स्वरूप में वापिस आ जाए। साथ ही हजारों किसानों की फसल को बरसात में बाढ़ से बचाया जा सके।
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मालन नदी जिले में हल्दूखाता से प्रवेश करती है और रावली में गंगा में जाकर मिलती है। वर्तमान में मालन पर हालात यह हैं कि अतिक्रमण के कारण यह नदी नाला बनकर रह गई है। यूं तो मालन नदी की हवाई दूसरी जिले में मात्र 53 किलोमीटर है, लेकिन अतिक्रमण के कारण धारा की लंबाई 101 किलोमीटर हो गई है। वहीं लगातार संकुचित होती धारा हर साल बरसात में मालन नदी में बाढ़ भी आती है। अब मंडावर पुल से इसके चौड़ीकरण का काम चल रहा है। प्रशासन ने अब बरसात में नदी में बाढ़ नियंत्रण के लिए पूरी नदी का सर्वे कराने के लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदारी सौंपी है। तटबंध को लेकर भी रिपोर्ट देगा सिंचाई विभाग
इस सर्वे का मकसद मालन में बाढ़ रोकना है। हर साल बरसात में इस नदी में आई बाढ़ से हजारों किसानों की फसल बर्बाद हो जाती है। सर्वे के बाद नदी की धारा की चौड़ाई, गहराई पर भी तकनीकि जानकारी जुटाई जाएगी। साथी ही धारा के बहाव पर भी काम कराया जाएगा।
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सिंचाई विभाग करेगा सर्वे: डीएम
डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि मालन नदी पर तकनीकि रूप से मजबूत काम कराया जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण के लिए सिंचाई विभाग को सर्वे भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं चौड़ीकरण के लिए खोदाई का काम और तेज कराया जाएगा।
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