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Bijnor News: डायलिसिस यूनिट में गड़बड़ी मिली, जुर्माना लगेगा

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अमन कुमार शर्मा
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बिजनौर। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट एक बार फिर चर्चाओं में है। सीडीओ स्तर से चल रही डायलिसिस यूनिट में गड़बड़ी की जांच पूरी हो गई है। सीडीओ ने डायलिसिस यूनिट चलाने वाली कंपनी पर जुर्माना लगाने की संस्तुति की है।
जिला अस्पताल में एस्काग संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी डायलिसिस यूनिट चला रही है। 13 जून 2025 को डायलिसिस करा रहे 26 वर्षीय युवक सरफराज की सीडीओ पूर्ण बोरा के सामने मौत हो गई थी। इससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया था। तभी से लगातार डायलिसिस यूनिट में सुविधा की जांच चल रही थी। ऐसे में अब सीडीओ ने डायलिसिस करा रहे 10 मरीजों की फाइलों की जांच की। इसमें दो मरीजों की फाइल में कमी मिली, जिसके चलते सीडीओ रणविजय सिंह ने बकाया बिल में से पांच प्रतिशत कटौती की संस्तुति की है। इसके अलावा अधिकारियों द्वारा लगातार डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण भी किया जा रहा है।
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कंपनी का करीब 60 लाख रुपये बकाया
डायलिसिस यूनिट संचालित फर्म एस्काग संजीवनी प्राइवेट लिमिटेड के क्लस्टर मैनेजर हरजीत सिंह ने बताया कि डायलिसिस के दौरान युवक की मौत होने के बाद से जांच चल रही है। इसलिए सीडीओ की ओर से बकाया बिलों का भुगतान करने पर रोक लगा दी थी। अप्रैल 2025 से अब तक करीब 60 लाख रुपये बकाया है।
मरीजों की होती रही डायलिसिस, डॉक्टर नदारद
जिला अस्पताल में संचालित डायलिसिस यूनिट में मरीजों को सुविधा देने का दावा किया जा रहा है। मगर, मंगलवार को पड़ताल के दौरान यूनिट में मरीजों की डायलिसिस होती रही जबकि दोनों डॉक्टर नदारद मिले। पिछले साल डायलिसिस के दौरान युवक की मौत हो गई थी। उस दौरान भी मौके पर चिकित्सक नहीं थे। इसके बाद व्यवस्था बेहतर करने का दावा किया गया लेकिन स्थिति जस की तस है। यूनिट में डॉ. चकित और डॉ. शालिम की ड्यूटी लगी थी लेकिन मंगलवार को यहां स्टाफ नर्स की उपस्थिति में डायलिसिस होती रही। स्टाफ नर्स ने बताया कि डॉ. शालिम अवकाश पर हैं जबकि डॉ. चकित भी चले गए हैं। ऐसे में अगर डायलिसिस के दौरान किसी मरीज के साथ कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।
ये बोले तीमारदार
तीमारदार ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी पत्नी की डायलिसिस हो रही है। समय से डायलिसिस हो रही है। दवाई बाहर से नहीं मंगाते हैं, लेकिन डायलिसिस के दौरान लगने वाला एक इंजेक्शन बाहर से मंगाया जाता है। वहीं तीमारदार ज्योति, जयबुनिशा ने कहा कि पहले बहुत खराब स्थिति थी। अब डायलिसिस यूनिट की स्थिति पहले से सुधरी है। चिकित्सक भी आकर देख लेते हैं।
डायलिसिस यूनिट प्रकरण की जांच पूरी हो गई है। 10 में से दो मरीजों की फाइल में कमी मिली। इसलिए फर्म के बकाया बिल में से पांच प्रतिशत कटौती की संस्तुति की है। फाइल अभी डीएम कार्यालय में है। ....रणविजय सिंह, सीडीओ, बिजनौर
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जांच पूरी नहीं होने की वजह से फर्म के बकाया बिल रोके गए हैं। सीडीओ की ओर से भी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। डायलिसिस यूनिट में चिकित्सकों की तैनाती है। अगर यूनिट में चिकित्सक नहीं थे तो उनका स्पष्टीकरण लिया जाएगा। ...डॉ. तुहीन वशिष्ट, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
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