बिजनौर। केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट से सभी को खुश कर दिया है। किसान, व्यापारी, मध्य वर्ग व युवाओं पर केंद्र सरकार ने खास फोकस किया है। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने हर वर्ग को कुछ न कुछ दिया है। किसी भी वर्ग को कमी निकालने का मौका नहीं दिया है। बजट का लोकसभा चुनाव पर भी असर पड़ना तय माना जा रहा है। सभी वर्ग सुबह टीवी पर टकटकी लगाकर बजट में अपने लिए होने वाली घोषणाओं की इंतजार में थे। वित्त मंत्री की घोषणाओं को सभी ने अच्छा और उम्मीदों को पूरा करने वाला बताया है।
आयकर सीमा हुई दोगुनी:
पिछले साल बजट में केंद्र सरकार ने आयकर सीमा व स्लैब में बढ़ोतरी नहीं की थी। आयकर सीमा ढाई लाख रुपये ही रखी गई थी। इससे मध्य वर्ग, व्यापारी व नौकरी पेशा परिवार नाराज थे। सरकार ने इस बार मध्य वर्ग, किसान व नौकरी पेशा लोगों को बहुत बड़ी राहत दी है। आयकर सीमा ढाई लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख की गई है। पांच लाख की आमदनी पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। निवेश करने पर साढ़े छह लाख की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा भवन किराए पर होने वाली आमदनी में भी छूट दी गई है। पहले एक लाख 80 हजार रुपये तक के किराए की आमदनी पर टैक्स नहीं था, अब इसे बढ़ाकर दो लाख 40 हजार रुपये किया गया है। आयकर रिटर्न भी 24 घंटे के अंदर दाखिल होगा। मध्य वर्ग पहले से ही आयकर में पांच लाख रुपये तक छूट करने की मांग कर रहा था। सरकार ने अपनी घोषणा में इसको साकार करके दिखा दिया है। पहले महिलाओं और पुरुषों के आयकर के अलग-अलग मापदंड थे। अब उन्हें एक कर दिया गया है। 21 हजार रुपये मासिक तक आय वालों के लिए सात हजार रुपये बोनस की भी घोषणा की गई है। निजी कंपनियों में छोटे पदों पर काम करने वालों को घोषणा से लाभ होगा।
कर्मचारी सुजीत यादव के मुताबिक बजट में कर्मचारियों की सुध ली गई। केंद्र सरकार ने बहुत अच्छा बजट बनाया गया है। आयकर में पांच लाख तक की छूट देना बहुत अच्छा कदम है। केंद्र सरकार बधाई की पात्र है।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष मनोज कुच्छल के अनुसार इससे बढ़िया और कोई बजट नहीं हो सकता है। व्यापारी वर्ग को बजट से बहुत खुशी मिली है। उम्मीद है कि अगले साल व्यापारियों के लिए पेंशन भी शुरू होगी।
कृषि क्षेत्र
किसानों के लिए पहली बार बजट में आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। दो हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को सरकार तीन किस्तों में साल में छह हजार रुपये देगी। किसान ये रकम बीज, फसल की नराई, खाद आदि में खर्च कर सकते हैं। आत्मा योजना के उपनिदेशक योगेंद्रपाल सिंह योगी के अनुसार वित्त मंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात भी दोहराई है। इस घोषणा से जिले के भी लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा। तीन किस्त में छह हजार रुपये मिलने से किसान को आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार ने इस योजना में अगले राशि बढ़ाने की भी बात कही है। इसके अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के किसानों को ब्याज में दो प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। छोटी जोत के बहुत से किसान मजदूरी भी करते हैं। इन किसानों को मजदूरों के लिए शुरू की गई तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ भी मिल सकता है। योगी सरकार में दो हेक्टेअर तक जमीन वाले लघु व सीमांत किसानों का पहले ही 550 करोड़ से ज्यादा का कर्ज माफ हो चुका है। 500 रुपये मासिक की घोषणा से किसान कम से कम अपनी फसलों के लिए बीज तो खरीद ही सकेंगे।
किसान योगेंद्र सिंह के अनुसार सरकार ने पहली बार किसानों के लिए ऐसी घोषणा की है। इससे किसानों को फायदा होगा। सरकार को किसानों को एक साल की अवधि तक कर्जमुक्त ब्याज भी देना चाहिए।
किसान टिल्लू सिंह के अनुसार किसानों को पहली बार बजट में 75 हजार करोड़ की राशि दी गई है। इससे छोटे किसानों क आर्थिक दशा सुधरेगी। सरकार को सभी फसलों की लागत के डेढ़ गुना मूल्य की मांग भी करनी चाहिए।
मजदूर:
बजट में पहली बार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुध ली गई है। निर्माण क्षेत्र में लगे मजदूरों के लिए श्रम विभाग में अनेक योजनाएं संचालित हैं। लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई योजना नहीं थे। ये मजदूर खेतों, फैक्ट्रियों आदि में काम करते हैं। बजट में आज तक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई घोषणा नहीं की गई थी। असंगठित क्षेत्र के 60 साल आयु पूरी कर चुके मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मनधन योजना की शुरूआत करते हुए तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की घोषणा की है। इससे देहात में खेतों में काम करने वाले वृद्ध श्रमिकों को बहुत फायदा होगा। ऐसे वृद्ध श्रमिक अपने परिजनों पर बोझ नहीं बनेंगे। तीन हजार रुपये मासिक पेंशन से ये अपना काफी खर्च चला सकेंगे। ऐसे श्रमिकों की मौत पर परिजनों को छह लाख रुपये का बीमा भी मिलेगा।
मजदूर नसीम अहमद के अनुसार बुढ़ापे में मजदूरी आमदनी खत्म हो जाती है और खुद की दवा का खर्च बढ़ जाता है। केंद्र सरकार ने वृद्ध मजदूरों के लिए बजट में पेंशन की घोषणा करके बहुत राहत दी है।
मजदूर टिंकू के अनुसार मजदूर के परिवार का खर्च तो वैसे ही मुश्किल से चलता है। अगर वृद्ध मजदूर को सरकार पेंशन देगी तो उसे व उसके परिवार वालों को बहुत सहारा मिलेगा।
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पशुपालन:
गाय को भी पहली बार केंद्र सरकार के बजट में शामिल किया गया है। गाय के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना की घोषणा की है। गाय पालने के लिए बैंक से ऋण लेने पर गोपालकों को दो प्रतिशत कम ब्याज देना होगा। ब्याज कम लगने से गाय पालन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। देशी गाय के दूध पर सरकारी डेयरी पहले से ही तीन से पांच रुपये प्रति लीटर दूध पर सब्सिडी दे रही हैं। ब्याज में छूट की घोषणा से किसान को राहत और गाय पालने के लिए के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। मत्स्य पालन पर भी ब्याज में दो प्रतिशत की छूट दी गई है। दुग्ध उत्पादन गन्ने के बाद किसानों की आमदनी का मुख्य साधन हैं। गोपालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने गोपालन में ब्याज में छूट देने की घोषणा की है।
डेयरी संचालक मुकुल राजपूत के अनुसार उन्हें गाय की डेरी खोलने के लिए पहली बार ब्याज में छूट दिया जा रहा है। यह योजना पहले ही शुरू हो जानी चाहिए थी। किसानों के लिए यह योजना अच्छी पहल है।
पशुपालक महेश चंद के मुताबिक मत्स्य पालन के लिए ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती है। सरकार की घोषणा से किसान मत्स्य पालन के लिए जागरूक होंगे। जिले में अब कुछ किसान मत्स्यपालन करने भी लगे हैं।
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सीनियर सिटीजन:
सीनियर सिटीजन का भी बजट में ध्यान रखा गया है। पांच लाख तक की आय सीमा में छूट में सीनियर सिटीजन भी शामिल रहेंगे। हालांकि कई सीनियर सिटीजन सरकार द्वारा उन्हें देशाटन कराने व स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की उम्मीद थी। सीनियर सिटीजन बजट को आम आदमी से जुड़ा बता रहे हैं। ब्याज पर मिलने वाला 50 हजार का ब्याज भी करमुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने पहली बार ऐसा बजट बनाया है जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी, वृद्ध व्यापारी व मजदूर तीनों को लाभ होगा।
वर्धमान कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य जीआर गुप्ता के अनुसार बजट से सीनियर सिटीजन खुश हैं। आयकर शर्मा के अनुसार सीनियर सिटीजन को ब्याज पर आयकर में छूट देना अच्छा प्रयास है।
ठाकुर सिंह के अनुसार सरकार ने बजट में सेवानिवृत्त शिक्षक से लेकर एक मजदूर तक का ध्यान रखा गया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि अमीर और गरीब दोनों का एक साथ ध्यान रखा गया है।
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युवा
युवा वर्ग के लिए की जाने वाली घोषणाओं पर हर बार सभी की नजर होती है। इस बार केंद्र सरकार द्वारा युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता देने के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने बेरोजगारी भत्ते के बजाए नौकरी देने को प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री ने बजट में युवा वर्ग के लिए टेलीकॉम सेक्टर में नौकरी देने की घोषणा की गई है। देश में इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए रोजगार के लिए टेलीकॉम सेक्टर को चुना गया है। इसके अलावा 18 साल के युवाओं को 59 रुपये महीना प्रीमियम जमा करना होगा। उनके 60 साल का होने पर निश्चित तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी। युवाओं के लिए रोजगार व पेंशन दोनों की ही घोषणा एक साथ बजट में की गई है।
नीलम चौहान के अनुसार युवाओं को रोजगार मिलना जरूरी है। सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के अलावा तकनीकी शिक्षा दिलाने की घोषणा कर अच्छी पहली की है।
सादाब के अनुसार कॉलेज में आने के बाद से ही युवा का लक्ष्य रोजगार पाना होता है। सरकार ने युवाओं के लिए जो घोषणा की हैं, उन पर जल्दी अमल होना चाहिए।
सीए रचना विश्रोई के मुताबिक बजट में सैलरी पेड व व्यापारियों का बहुत ध्यान रखा गया है। पांच लाख रुपये से ऊपर डेढ़ लाख तक का निवेश करने पर भी टैक्स में छूट मिलेगी। इससे करदाता खुलकर निवेश करेंगे। कोई भी अपनी आमदनी नहीं छिपाएगा। हालांकि सरकार को आयकर के स्लैब में भी छूट देनी चाहिए।
आयकर अधिवक्ता विवेक अग्रवाल के अनुसार बजट में करदाताओं को बड़ी छूट दी गई हैं। इतनी छूट पहले कभी नहीं दी गई। करदाता इस छूट से बहुत खुश हैं। किसानों के लिए भी बजट राहत देने वाला है।
बजट ने किया होम मिनिस्ट्री को खुश
बिजनौर में बजट पर महिलाओं की भी नजर थी। बजट में हुई घोषणाओं का सीधा असर घर के खर्च पर पड़ता है। घर का खर्च तो आखिरकार महिलाएं ही संभालतीं हैं। इस बजट से महिलाएं संतुष्ट नजर आ रही हैं।
टैक्स में मिली छूट
व्यवसायी पूजा शर्मा के कहा कि वे जीएसटी का समर्थन करती हैं। खुद वित्तमंत्री ने कहा है कि जीएसटी लागू होने से सरकार की आय बढ़ी है। ऐसे में कर देने वाले परिवारों को टैक्स में छूट मिलनी ही चाहिए थी। टैक्स में छूट देना व्यापारी वर्ग के लिए अच्छा है।
टेलीकॉम सेक्टर में संभावनाएं
डॉ. नेहा अग्रवाल और उनके पति डॉ. मुदित अग्रवाल दोनों चिकित्सक हैं। डॉ. नेहा अग्रवाल के अनुसार बजट में युवाओं पर फोकस करना अच्छा है। मोबाइल इंटरनेट का बहुत इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में टेलीकॉम सेक्टर युवाओं के लिए रोजगार के लिए सबसे उपयुक्त है। टेलीकॉम सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। सरकार ने इस बात का ध्यान बजट में रखा है।
आयकर में छूट से बचत होगी
गृहणी मृणालिनी शर्मा के पति कपिल पाराशर सेवायोजन विभाग में कार्यरत हैं। मृणालिनी शर्मा के अनुसार अगर वेतन बढ़ता है तो खर्च भी बढ़ते हैं। लेकिन आयकर में काफी समय से छूट नहीं दी जा रही थी। इस बार आयकर सीमा दोगुनी करना सरकार का अब तक का सबसे बड़ा कदम है। इससे बचत होगी।
टैक्स में छूट से होगा फायदा
निशा मलिक और उनके पति मोहम्मद इरशाद दोनों शिक्षक हैं। निशा मलिक के अनुसार ईमानदार करदाता समय पर टैक्स भरते हैं। ऐसे में उन्हें अपने टैक्स में छूट का फायदा तो मिलना ही चाहिए था।
गरीब परिवारों पर ध्यान दिया
भूमिका रानी के पति डॉ. शीरिश जिले के वरिष्ठ चिकित्सक हैं। भूमिका रानी के मुताबिक गरीब परिवारों को हेल्थ कवर का दायरा बढ़ाने के बारे में बताया गया है। गरीब परिवारों के स्वास्थ्य से जुड़ी आयुष्मान भारत के लिए सरकार को और भी ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
किसानों को बड़ी राहत
बिजनौर में किसानों के लिए पहली बार बजट में आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई है। दो हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों को सरकार तीन किस्तों में साल में छह हजार रुपये देगी। किसान ये रकम बीज, फसल की नराई, खाद आदि में खर्च कर सकते हैं।
आत्मा योजना के उपनिदेशक योगेंद्रपाल सिंह योगी के अनुसार वित्त मंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात भी दोहराई है। इस घोषणा से जिले के भी लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा। तीन किस्त में छह हजार रुपये मिलने से किसान को आर्थिक मदद मिलेगी। सरकार ने इस योजना में अगले राशि बढ़ाने की भी बात कही है। इसके अलावा आपदा प्रभावित क्षेत्र के किसानों को ब्याज में दो प्रतिशत की छूट भी दी जाएगी। छोटी जोत के बहुत से किसान मजदूरी भी करते हैं। इन किसानों को मजदूरों के लिए शुरू की गई तीन हजार रुपये मासिक पेंशन का लाभ भी मिल सकता है। योगी सरकार में दो हेक्टेअर तक जमीन वाले लघु व सीमांत किसानों का पहले ही 550 करोड़ से ज्यादा का कर्ज माफ हो चुका है। 500 रुपये मासिक की घोषणा से किसान कम से कम अपनी फसलों के लिए बीज तो खरीद ही सकेंगे। किसान योगेंद्र सिंह के अनुसार सरकार ने पहली बार किसानों के लिए ऐसी घोषणा की है। इससे किसानों को फायदा होगा। सरकार को किसानों को एक साल की अवधि तक कर्जमुक्त ब्याज भी देना चाहिए। किसान टिल्लू सिंह के अनुसार किसानों को पहली बार बजट में 75 हजार करोड़ की राशि दी गई है। इससे छोटे किसानों क आर्थिक दशा सुधरेगी। सरकार को सभी फसलों की लागत के डेढ़ गुना मूल्य की मांग भी करनी चाहिए।
मजदूरों ने भी की बजट की सराहना
बजट में पहली बार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुध ली गई है। निर्माण क्षेत्र में लगे मजदूरों के लिए श्रम विभाग में अनेक योजनाएं संचालित हैं। लेकिन असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई योजना नहीं थे। ये मजदूर खेतों, फैक्ट्रियों आदि में काम करते हैं। बजट में आज तक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए कोई घोषणा नहीं की गई थी। असंगठित क्षेत्र के 60 साल आयु पूरी कर चुके मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मनधन योजना की शुरूआत करते हुए तीन हजार रुपये मासिक पेंशन की घोषणा की है। इससे देहात में खेतों में काम करने वाले वृद्ध श्रमिकों को बहुत फायदा होगा। तीन हजार रुपये मासिक पेंशन से ये अपना काफी खर्च चला सकेंगे। ऐसे श्रमिकों की मौत पर परिजनों को छह लाख रुपये का बीमा भी मिलेगा। मजदूर नसीम अहमद के अनुसार बुढ़ापे में मजदूरी आमदनी खत्म हो जाती है और खुद की दवा का खर्च बढ़ जाता है। केंद्र सरकार ने वृद्ध मजदूरों के लिए बजट में पेंशन की घोषणा करके बहुत राहत दी है। मजदूर टिंकू के अनुसार मजदूर के परिवार का खर्च तो वैसे ही मुश्किल से चलता है। अगर वृद्ध मजदूर को सरकार पेंशन देगी तो उसे व उसके परिवार वालों को बहुत सहारा मिलेगा।
कारोबारियों को भाया, विपक्ष ने धोखा बताया
नजीबाबाद/जलालाबाद में आम बजट को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं हैं। केंद्र सरकार के पांच वर्ष के कार्यकाल के अंतिम बजट को जहां जनहित का बजट बताया है वहीं कुछ लोगों ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए बजट को लुभावनी चुनावी चाल बताया है।
केंद्र सरकार द्वारा बजट में लघु एवं सीमांत किसानों को छह हजार रुपये प्रतिवर्ष धनराशि प्रधानमंत्री कृषि सम्मान निधि से देने, राष्ट्रीय कामधेनु योजना शुरू करने तथा पांच लाख रुपये की आयकर में छूट के बावजूद किसानों ने बजट को किसानों को गुमराह करने वाला बताया है। खेत पर काम कर रहे चमरौला निवासी किसान शिवकुमार सहरावत और उनके साथियों ने कहा कि बजट में किसान, मजदूर, महिला और आम जन के हितों को अनदेखा कर छल से भरा चुनावी बजट बनाया गया है।
भाजपा के पूर्व प्रांतीय उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में वित्त मंत्री ने पहली बार ऐसा बजट दिया है जिसने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के सपनों को साकार बनाने की मजबूत बुनियाद रखी है। सीमांत और लघु किसानों के साथ गैर संगठित क्षेत्र के कामगारों और श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु के बाद तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन की स्कीम आर्थिक रूप से कमजोरों के लिए वरदान है। हरिद्वार मार्ग स्थित गजब सिटी कॉलोनी निवासी गृहणी मुमताज सिद्दीकी बजट को आम जनता के हितों का बताती हैं। उन्होंने बजट में किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों के हितों के साथ कामगार और श्रमिकों की पेंशन योजना का स्वागत किया।
बजट से महिलाओं को निराशा
जलालाबाद में जलालाबाद निवासी गृहणी नईमा, अर्शी और सना ने बजट में महिलाओं के लिए कुछ विशेष न होने से आहत हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की चिंता न कर बजट को पूरी तरह चुनावी बनाया गया है। जलालाबाद क्षेत्र के कारोबारी सुल्तान अहमद, मो.राशिद, जावेद शेख, नफीस अहमद, शाकिर जैदी ने आयकर में पांच लाख रुपये तक छूट देने को राहत बताया। उन्होंने कहा कि बजट में आम कारोबारियों के हितों को अनदेखा किया गया है।
गायों का होगा संरक्षण
गाय को भी पहली बार केंद्र सरकार के बजट में शामिल किया गया है। गाय के लिए राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की स्थापना की घोषणा की है। गाय पालने के लिए बैंक से ऋण लेने पर गोपालकों को दो प्रतिशत कम ब्याज देना होगा। ब्याज कम लगने से गाय पालन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। देशी गाय के दूध पर सरकारी डेयरी पहले से ही तीन से पांच रुपये प्रति लीटर दूध पर सब्सिडी दे रही हैं। ब्याज में छूट की घोषणा से किसान को राहत और गाय पालने के लिए के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। मत्स्य पालन पर भी ब्याज में दो प्रतिशत की छूट दी गई है। दुग्ध उत्पादन गन्ने के बाद किसानों की आमदनी का मुख्य साधन हैं।
विपक्ष ने कहा चुनावी जुमला
धामपुर में पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह ने कहा है कि बजट अब तक के बजटों में सबसे अच्छा बजट है। जिसमें किसानों, मजदूरों, व्यापारियों के हित में है। शिक्षाविद् दीपेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि बजट में समाज के सभी वर्गों किसानों, मजदूरों, वेतन भोगी कर्मचारियों, महिलाओं तथा गो पालकों सहित सभी का ध्यान रखा गया है। हालांकि गन्ना किसानों, बेरोजगारों और युवाओं के लिए बजट में कुछ खास नहीं है। एलआईसी के सहायक प्रशासनिक अधिकारी नरेश वत्स का कहना है कि सरकार ने बजट में आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने का सराहनीय कदम उठाया है। क्षेत्रीय संयोजक व्यापार प्रकोष्ठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश महेंद्र धनौरिया का कहना है कि भारत सरकार ने अपने बजट में गरीब मजदूर किसान महिलाओं मध्य वर्ग एवं व्यापारी समाज को आयकर में पांच लाख तक की ऋण में छूट, किसानों को हर वर्ष छह हजार की राहत सब का साथ, सबका विकास की ओर मजबूत कदम सिद्ध होगा। इंदू शेखावत का कहना है कि बजट में महिलाओं की किचन आदि पर कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है। जबकि महिलाओं द्वारा प्रयुक्त सौंदर्यीकरण किटों पर सरकार को ध्यान दिया जाना चाहिए।
महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश देना सराहनीय कदम
शिक्षक जयवीर सिंह का कहना है कि अंतरिम बजट 2019 में केन्द्र सरकार ने देश के सभी नागरिकों को विकास से जोड़ने का प्रावधान किया है। पशुपालन व मत्स्य पालन के 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण, कृषि कार्ड पर कम ब्याज पर ऋण, किसानों व कृषि सहगामी कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया गया है। श्रमिकों को सात हजार का बोनस देना सरकार के सभी वर्गों के समान विकास की भावना को दर्शाता है। डॉ. शांति शर्मा का कहना है कि बजट में महिलाओं के लिए केवल एक तोहफा है। अब महिलाओं को 26 सप्ताह का मातृत्व अवकाश मिलेगा। जो अब तक नहीं था।
सीनियर सिटीजन को स्वास्थ्य योजनाओं में लाभ की थी उम्मीद
सीनियर सिटीजन का भी बजट में ध्यान रखा गया है। पांच लाख तक की आय सीमा में छूट में सीनियर सिटीजन भी शामिल रहेंगे। हालांकि कई सीनियर सिटीजन सरकार द्वारा उन्हें देशाटन कराने व स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की उम्मीद थी। सीनियर सिटीजन बजट को आम आदमी से जुड़ा बता रहे हैं। ब्याज पर मिलने वाला 50 हजार का ब्याज भी करमुक्त किया गया है। केंद्र सरकार ने पहली बार ऐसा बजट बनाया है जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी, वृद्ध व्यापारी व मजदूर तीनों को लाभ होगा। वर्धमान कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राचार्य जीआर गुप्ता के अनुसार बजट से सीनियर सिटीजन खुश हैं। आयकर शर्मा के अनुसार सीनियर सिटीजन को ब्याज पर आयकर में छूट देना अच्छा प्रयास है। ठाकुर सिंह के अनुसार सरकार ने बजट में सेवानिवृत्त शिक्षक से लेकर एक मजदूर तक का ध्यान रखा गया है। पहली बार ऐसा हुआ है कि अमीर और गरीब दोनों का एक साथ ध्यान रखा गया है।