बोर्ड परीक्षा की तैयारी अधिकृत प्रश्नपत्रों के प्रारूप के अनुसार कराने के निर्देश
बिजनौर। डीआईओएस ने विद्यालयों से बोर्ड प्रश्नपत्रों के प्रारूप के बारे में छात्रों को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। पेपर में अच्छे अंक लाने के लिए एनसीआरटी किताबों के चैप्टर के आखिर में दिए सारांश महत्वपूर्ण हैं।
शासन ने पिछले साल बोर्ड परीक्षा के विषयों का प्रारूप बदल दिया था। हर विषय का एक पेपर किया गया है। पेपर के 100 अंक है। ये अंक चैप्टरवाइज विभाजित है। पिछले साल नए पैटर्न का शुरुआती साल होने से छात्रों में असमंजस की स्थिति रही थी। इस साल बोर्ड ने स्थिति साफ कर दी है।
राजकीय इंटर कालेज कुंडीपुरा के भौतिक शास्त्र प्रवक्ता भूपेंद्र सिंह शेट्टी के अनुसार इंटर फिजिक्स के पेपर में सवाल एनसीआरटी किताबों से पूछे जाएंगे। चैपप्टरवाइज अंक डिस्ट्रीब्यूशन है। प्रकाशिकी चैप्टर से 13 अंक, स्थिर वैद्यिकी चैप्टर से आठ अंक, विद्मुत धारा चैप्टर से सात अंक, विकिरण, द्रव्य की द्वैति प्रकृति चैप्टर से छह तथा विद्मुत चुंबकीय तरंग चैप्टर से चार अंक के सवाल होंगे। अति लघु उत्तरीय ,लघु उत्तरीय, बहु विकल्पीय सवालों के एक एक अंक आवंटित है। ओम का नियम, किरचौफ का नियम, बोर का हाईड्रोजन मॉडल, बंधन उर्जा, लारेंज बल, एंपायर परिपथ महत्वपूर्ण श्रेणी में हैं। शेट्टी ने बताया कि एनसीआरटी या बोर्ड से अधिकृत किताबों में चैप्टर के अंत में दिया सारांश छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।
बोर्ड ने एग्जाम में पूछे जाने वाले सवालों के चित्रों के अंक भी आवंटित किए हैं। पाठ्यक्रम में यूनिट पर ज्यादा फोकस करने को कहा गया है।
डीआईओएस प्रतिनिधि निशांत कुमार यादव बताते है कि डीआईओएस राजेश कुमार ने जिले के माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य की बैठक में छात्रों को पेपर का प्रारूप प्वाइंट टू प्वाइंट क्लीयर करने के निर्देश दिए हैं। कहा कि कहीं छात्रों को कोई दिक्कत है तो वह डीआईओएस से संपर्क कर सकते हैं। विभाग अपने स्तर से भी पता करा रहा है।