बिजनौर में जिले में गन्ने की औसत पैदावार बढ़ने का असर दिखाई देने लगा है। राज्य गन्ना प्रतियोगिता 2016-2017 में शामिल होने के लिए जिले के किसानों में होड़ मची है। अब तक करीब 200 किसानों के आवेदन गन्ना विभाग को मिल गए हैं। डीसीओ कार्यालय में किसानों का तांता लगा है। प्रतियोगिता में जिले से रिकार्ड किसानों की भागीदारी होने का अनुमान हैं।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले में पहले 1200 क्विंटल प्रति हेक्टेअर उपज पर राज्य पुरस्कार मिल जाता था। शासन ने गन्ने का रकबा और पैदावार बढ़ाने का अभियान चलाया। किसानों ने अर्ली वैरायटी गन्ना बोया। जिले में अब अर्ली वैरायटी का रकबा करीब 75 प्रतिशत है। नतीजतन गन्ने की औसत पैदावार बढ़ी। अब औसत पैदावार 2000 क्विंटल प्रति हेक्टेअर पहुंच गई है। 160 क्विंटल प्रति बीघा से अधिक पैदावार लेने वाले किसान भी प्रतियोगिता की लाइन में जुड़ गए। शेरकोट, नहटौर, चांदपुर, धामपुर, स्यौहारा, अफजलगढ क्षेत्र के नहटौर के 220 किसानों के आवेदन मिल गए हैं।
जिले के ब्रह्मपाल सिंह ने जीता है राज्य स्तरीय गन्ना पुरस्कार ः बिजनौर। डीसीओ के अनुसार नहटौर क्षेत्र के गांव बालापुर के किसान ब्रह्मपाल सिंह ने वर्ष 2014-2015 की राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता में पुरस्कार जीता है। किसान ने ट्रैंच विधि से गन्ना बोया । इससे जिले के किसान उत्साहित हैं।
तीन दिन शेष, किसान आवेदन शीघ्र करें ःबिजनौर। डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आवेदन करने के लिए मात्र तीन दिन शेष हैं। आवेदन करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर है।