राशन कार्ड सरेंडर नहीं कर रहे अपात्र, होगी वसूली
बिजनौर। राशन कार्ड के लिए एक बार फिर पात्र और अपात्र की छानबीन होने लगी है। अपात्रों की पहचान को सत्यापन कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल नगरीय इलाकों में सत्यापन कराया जाना है, जिसके बाद ग्रामीण इलाकों में भी जांच होगी। राशन कार्ड सरेंडर नहीं करने वाले अपात्रों से वसूली की जाएगी। अब तक करीब 50 लोग अपने राशन कार्ड सरेंडर कर चुके हैं। सत्यापन से पहले अपात्रों को राशन कार्ड सरेंडर करने का मौका दिया जा रहा है। जांच में फंसे तो कार्रवाई होना तय है।
प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि शहरी इलाकों में तमाम अपात्र भी सरकारी राशन प्राप्त कर रहे हैं। यह तो मालूम नहीं कि इन लोगों ने राशन कार्ड कैसे बनवा लिए, लेकिन अबकी बार सत्यापन ये बचने नहीं पाएंगी। पात्र और अपात्र की श्रेणी को फिल्टर करने के लिए शहरी इलाकों में सत्यापन का काम शुरू कर दिया गया है। सत्यापन करने के बाद जो लोग अपात्र मिलेंगे, उनके राशन कार्ड को निरस्त कर दिया जाएगा। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत शहरी क्षेत्र में 63 फीसदी आबादी के राशन कार्ड बनाए जाने का प्रावधान है। इन्हीं को राशन मिलता है।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में 79 फीसदी के राशन कार्ड बनाए जाते हैं। इसमें तमाम अपात्र होने की वजह से पात्र लोगों को शामिल करने में दिक्कत आती है। इस वक्त जिले में छह लाख राशन कार्ड धारक है, जिन्हें 27 लाख यूनिट पर राशन मिल रहा है। पूर्ति कार्यालय में पिछले दिनों एक प्रार्थना पत्र आया है जिसमें प्रार्थी ने कहा कि उसकी आर्मी में नौकरी लग गई है। अब उसके राशन कार्ड को खत्म कर दिया जाए। ऐसे करीब 50 लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए आवेदन किए हैं।
नौकरी करने वाले करीब 50 से अधिक लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर करने के लिए आवेदन किया है। कुछ की नौकरी लग गई है, तो कुछ ने खुद को अपात्र मानते हुए आवेदन किया है। पात्रों का सत्यापन किया जाने लगा है
- ध्रुव यादव, डीएसओ