बिजनौर में पेद्दा कांड के मृतकों का संगीनों के साए में पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान जिला अस्पताल में भारी संख्या में चप्पे चप्पे पर पुलिस तैनात रही। किसी भी बाहरी व्यक्ति को पोस्टमार्टम हाउस की ओर जाने नहीं दिया गया। पोस्टमार्टम पर निगरानी रखने के लिए डीएम जगतराज त्रिपाठी व एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव पूरे समय अस्पताल में मौजूद रहे।
पेद्दा कांड में मृतक अहसान, अनीसुद्दीन व सरफराज के शवों का शुक्रवार की रात करीब 11 बजे से पोस्टमार्टम शुरू हुआ जो सुबह साढ़े चार बजे तक चला। इस दौरान अस्पताल को पुलिस छाबनी में तब्दील कर दिया गया था। अस्पताल के दोनों गेटों पर भारी पुलिसबल तैनात रही, पुलिस व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि कोई भी बाहरी व्यक्ति पोस्टमार्टम हाउस की ओर नहीं जा सका। पुलिस ने मृतकों के रिश्तेदारों को भी पोस्टमार्टम हाउस की ओर जाने से रोके रखा। अस्पताल में डीएम जगतराज व एसपी उमेश कुमार श्रीवास्तव पोस्टमार्टम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान थामे थे। अस्पताल में बिजनौर, नजीबाबाद व नगीना के सीओ समेत कई थानों के इंस्पेक्टर, एसओ व सैकड़ों पुलिसकर्मी अस्पताल के चप्पे-चप्पे पर मौजूद थे। किसी भी हालत से निपटने के लिए पीएसी को भी अस्पताल में तैयार रखा गया था। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भी इस दौरान मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की और से सीएमओ डा.सुखवीर सिंह व सीएमएस वीके शुक्ला अपनी मेडिकल टीम के साथ मौजूद रहे। पोस्टमार्टम टीम में महिला अस्पताल से डा.एफसी वर्मा व डा.बीआर शामिल रहे। मृतकों के शरीर में मिले 12 बोर के छर्रे व 315 बोर की गोलियां ः पोस्टमार्टम में मृतक अहसान के शरीर में 12 बोर के 32 छर्रे व अनीसुद्दीन को 12 बोर के 22 छर्रे लगे हैं। इन दोनों को छर्रे पेट, गर्दन व सीने में लगे हैं।