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गंगा में उफान से रायपुर खादर टापू में तब्दील

Wed, 15 Aug 2018 12:06 AM IST
अमर उजाला/बिजनौर
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बिजनौर-मंडावर रोड पर मालन नदी के पुल पर ज्यादा पानी आने के बंद किया गया रास्ता। - फोटो : अमर उजाला
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जलीलपुर में गंगा में एक बार फिर से उफान आने पर चांदपुर-दत्तियाना रोड पर गंगा की धार तेजी से चल रही है। कुछ ग्रामीणों के घर तक पानी पहुंच गया है। गांव रायपुर खादर के आवागमन के रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। गांव के चारों ओर गंगा का पानी बह रहा है।   
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जलीलपुर क्षेत्र में गंगा खादर के गांवों में बसे लोगों की समस्याएं कम होती नजर नहीं आ रही हैं। हजारों बीघा कृषि भूमि में खड़ी किसानों की धान, गन्ना, चारा आदि की फसल में पहले से आया पानी सूख भी नहीं पाया था, अब तीसरी बार गंगा में उफान के चलते गांव दत्तियाना, सुजातपुर खादर, स्याली, मुजफ्फरपुर खादर, नेवला, जमालुद्दीनपुर आदि के आवागमन की एक मात्र मुख्य सड़क चांदपुर-दत्तियाना पर गांव नारनौर तक गंगा की धार चल रही है। गांव रायपुर खादर को चारों तरफ से गंगा के पानी ने अपनी चपेट में ले लिया है। गांव के हालात टापू जैसे हो गए हैं। रायपुर खादर के आवागमन के सभी रास्तों पर गंगा की धार चल रही है। रायपुर से अजदेव, सीकरी, धींवरपुरा, जलालपुर आदि जाने वाले रास्तों पर गंगा का पानी चलने से गांव रायपुर खादर के निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। गांव दत्तियाना, रायपुर खादर, सुजातपुर खादर आदि मे बाहरी आबादी के कुछ मकानों तक पानी पहुँच गया है। 

मालन का तटबंध कटने से बाढ़ का खतरा, हरिद्वार-बिजनौर मार्ग अवरुद्ध
मंडावर में गंगा के तेज उफान से गांव रामसहावाला के सामने उत्तराखंड राज्य में बना तटबंध कटने से कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हरिद्वार के डीएम दीपक रावत ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। ग्रामीणों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। मालन के पुल पर दो फीट पानी आने से हरिद्वार-बिजनौर मार्ग बंद कर दिया गया है।  
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 गांव रामसहायवाला और हिम्मतपुर बेला गांव में कई दिनों से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। तमाम गांव वाले गांव से निकलकर रिश्तेेदारी में पहुंच गए हैं। गंगा के उफान से मंगलवार सुबह गंगा ।   की तेज धारा से उत्तराखंड सरकार की ओर से बनाया तटबंध करीब 30 से 40 मीटर तक कट गया है। इससे गांव रामसहायवाला, हिम्मतपुर बेला के अलावा उत्तराखंड राज्य के गांव कलशिया, डूमनपुरी, बालावाली समेत कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। हरिद्वार के डीएम दीपक रावत ने अफसरों की टीम के साथ मंगलवार को तटबंध का दौरा किया।

कुंजेटा संपर्क मार्ग पर पानी भरा
बढ़ापुर/स्योहारा में बढ़ापुर को गांव कुंजेटा, मुकंदपुर राजमल, तारापुर, नूरपुर अरब, इस्लामगढ़, बरखेड़ा, अब्दुल्लापुर कुरैशी, सादातपुर गढ़ी, खिदरावाला, शाहलीपुर कोटरा, चिल्किया, जहानाबाद, जमानपुर ढ़ीकली, सारंगवाला आदि दर्जनों गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग का बढ़ापुर-कुंजेटा के बीच बुरा हाल है। इस मार्ग को पार करने में राहगीरों को बहुत कठिनाइयां पेश आ रही हैं। ग्राम प्रधान कुंजेटा पतराम सिंह, रूप सिंह, रामकुमार सिंह, गजेंद्र सिंह, लल्लू सिंह, घनश्याम, कासिम, विक्रम सिंह, नीरज कुमार ने प्रशासन से समस्या का समाधान कराने की मांग की है। वहीं, स्योहारा के   गांव अमीनाबाद में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए मुरादाबाद से पीएसी 23 बल  रीवर पुलिस की टीम पहुंची।  तहसीलदार भान सिंह की   देखरेख में टीम मोटर बोट से   बाढ़ में फंसे लोगों को लेकर  आई। फंसे लोगों को लाने पर गांव वालों ने टीम का आभार व्यक्त किया। विधायक नईमुलहसन बाढ़ में फंसे लोगो के आने तक रेस्क्यू टीम का हौसला बढ़ाते रहे।

अमीनाबाद में घुसा रामगंगा का पानी
स्योहारा। रामगंगा का जलस्तर बढ़ जाने से गांव अमीनाबाद के जंगलों में पानी भर गया। संपर्क गांव से टूट गया है। गोशाला पर खतरा मंडराने लगा है। गोशाला में करीब 105 गायें और नौ गो सेवक फंसे हुए हैं।
 एसडीएम सहित तहसील प्रशासन तथा पुलिस स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर बाढ़ जैसे हालात क्षेत्रों का जायजा लिया। प्रशासन ने गो सेवकों और गायों को वहां से बाहर निकालने के लिए योजना तैयार करनी शुरू कर दी है। गोशाला प्रबंधक ओमराज सिह ने बताया कि बाबा प्रेमनाथ की देखरेख में रामगंगा के बीच बने एक टापू पर गोशाला स्थित है। इसमें लगभग 105 गाय व नौ गोसेवक हैं। सोमवार रात अचानक पानी तेज आने से रामगंगा नदी उफान पर आ गई और गो सेवकों एवं गायों को निकलने को मौका नहीं मिल पाया।

गंगा का जलस्तर पहुंचा 1.40 लाख क्यूसेक
बिजनौर में पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से गंगा एवं उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। इससे लोगों की चिंता बढ़ने लगी हैं। कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर 1.40 लाख क्यूसेक चल रहा है। गांव ब्रहमपुरी, रावली, शहजादपुर, भोगपुर, बाकरपुरगढ़ी, खानजहांपुर, चांदपुर आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालत उत्पन्न हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीण ब्रह्मपाल सिंह, नवनीत, सुरेंद्र कुमार, जोगेंद्र कुमार, रफीक आदि का कहना है कि कोई जगह ऐसी नहीं है जहंा पर पानी ना भरा हो। पशुओं को चराने के लिए या खाने के लिए कुछ नहीं बचा है। इन गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीणों को इधर-उधर आने जाने में भी नाव का सहारा लेना पड़ रहा है।

टीम के सामने कंदला के लोगों ने किया प्रदर्शन
शेरकोट में गांव कंदला शाहकोट में राशन डीलर की जांच करने पहुंची बाट-माप विभाग की टीम के सामने गांववासियों ने राशन डीलर हटवाने को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेताया यदि डीलर को नहीं हटाया गया तो वह राशन नहीं लेंगे। आरोप है कि राशन डीलर उपभोक्ताओं के राशन में हेराफेरी करता है। इसके बाद बचे राशन को ब्लैक कर देता है। गांववासियों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर राशन डीलर पर हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। शिकायत को संज्ञान लेते हुए जांच टीम मंगलवार को गांव में राशन डीलर के बाट चेक करने पहुंची। इस दौरान गांववासियों ने राशन डीलर पर गरीबों का हक मारने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। आरोप है कि उपभोक्ताओं को कम राशन दिया जाता है। बाट भी गड़बड़ है। लंबे समय से राशन डीलर का खेल चल रहा है। विरोध करने पर आंख दिखाता है।
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