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नेशनल सेमिनार में महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर जोर

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बिजनौर में आरबीडी महाविद्यालय में एक दिवसीय नेशनल सेमिनार को संबोधित करते वक्ता। - फोटो : BIJNOR
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बिजनौर। आरबीडी महाविद्यालय बिजनौर में टीचिंग, लर्निग तथा एव्युलेशन विषय पर नेशनल सेमिनार का आयोजन हुआ, जिसमें शिक्षाविदों ने शिक्षा, शिक्षक और छात्रों के परिपेक्ष्य में विचार रखे।
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नेशनल सेमिनार में मुख्य अतिथि यूजीसी की संयुक्त सचिव उर्मिला ने कहा कि शिक्षक की छात्र का भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से भटक गया है। आज छात्र राजनीति में जो कुछ हो रहा है उसकी वजह छात्रों को समय के अनुसार शिक्षा नहीं देना है। अक्षर ज्ञान से जीवन की सार्थकता नहीं मिलती है। अवार्ड तथा रिवार्ड से मिलने वाली संतुष्टि क्षणिक है। शिक्षक को छात्रों की आवश्यकता जाननी चाहिए। शिक्षक युवा पीढ़ी का नेतृत्व करने वाला है। शिक्षकों को लीक से हटकर युवाओं व समाज के लिए कुछ करना है। पैसे तथा पावर का अहम त्याग आत्म विवेचना करें। लाइफ का अल्टीमेटम गोल सोशल लाइफ है। आज का युवक सोशल लाइफ से दूर हैं। संयुक्त सचिव ने छात्रों को सलाह दी है कि समाज का निर्माण करने वाली शक्ति टीचर है। केवल अंक पा लेना ही सब कुछ नहीं है। देश को विश्व गुरु बनाने के लिए काम करें। प्रदेश के उच्च शिक्षा के संयुक्त निदेशक राजीव पांडेय ने गुणवत्ता परक शिक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
आरबीडी प्रबंध समिति की सचिव एवं पूर्व विधायक रुचिवीरा ने छात्राओं से संस्कारित रहकर प्रगति के आयाम स्थापित करने को कहा। सेमिनार में डा शशि सिंह, डा चंद्र दत्त, सुनील कुमार जोशी समेत कई शिक्षाविदों ने टीचिंग, लर्निंग तथा एव्युलेशन विषय पर चर्चा की। इस मौके पर अतिथियों ने सोविनियर का विमोचन किया। प्रधानाचार्या जाकिया रफत ने अतिथियों का स्वागत किया।
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