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मिक्सोपैथी के विरोध में लामबंद हुए आईएमए चिकित्सक

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नजीबाबाद में एसडीएम बृजेश कुमार सिंह को ज्ञापन देते आईएमए चिकित्सक। - फोटो : NAZIBABAD
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नजीबाबाद। आईएमए चिकित्सकों ने चिकित्सा में सरकार द्वारा मिक्सोपैथी लागू करने के विरोध में हड़ताल की। हालांकि आपात और कोविड-19 चिकित्सा सेवाएं प्राइवेट अस्पतालों में जारी रहीं। आईएमए की ओर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम बृजेश कुमार सिंह को सौंपा गया।
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सरकार द्वारा बीएमएएस, बीयूएमएस सहित सभी चिकित्सा पद्यतियों से जुड़े चिकित्सकों को एलोपैथी दवाओं का प्रयोग और सर्जरी की छूट देने के विरोध में आईएमए चिकित्सकों ने रविवार को हड़ताल रखी। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. वीके चावला, सचिव डॉ.संदीप अग्रवाल के नेतृत्व में शुक्रवार को प्राइवेट नर्सिंग होम और क्लीनिकों पर चिकित्सकों ने ओपीडी पूरी तरह बंद रखी। हड़ताली चिकित्सकों ने आपातकालीन और कोविड-19 से संबंधित चिकित्सा व्यवस्था जारी रखी। आईएमए के शाखा सचिव डॉ.संदीप अग्रवाल के नेतृत्व में चिकित्सकों ने तहसील में एसडीएम बृजेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में मिक्सोपैथी चिकित्सा के फैसले को वापस लेने की मांग की। ज्ञापन देने पहुंचे चिकित्सकों के प्रतिनिधिमंडल में डॉ.अतुल बहादुर सक्सेना, डॉ.एके गर्ग, डॉ.एमपी कर्णवाल, डॉ.अक्षय शर्मा, डॉ.एस प्रसाद शामिल थे। चिकित्सकों का दावा था कि सभी चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा से जोड़े जाने से भारत और विदेशों में आईएमए चिकित्सकों की साख गिरेगी। रोगियों के हित में भी मिक्सोपैथी नुकसानदायक साबित होगी। चिकित्सकों की हड़ताल से साधारण मरीजों को चिकित्सा सेवा से वंचित होना पड़ा।
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