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तालाबों पर अवैध कब्जे, कैसे होगा सुंदरीकरण

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तालाबों पर अवैध कब्जे, कैसे होगा सुंदरीकरण
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धामपुर। अधिकारी सरकार की मंशा के अनुरूप कैसे तालाबों और पोखरों का सौंदर्यकरण का कार्य कराएं जब राजस्व विभाग की ओर से विकास विभाग को सौंपी गई 320 तालाखों, पोखरों की जमीन पर लोगों के अवैध तौर पर कब्जे हैं। इसके अलावा सौंदर्यकरण कहां पर होना है, इसके लिए जमीन को चिह्नित नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों और पोखरों की जमीनों को कब्जा मुक्तकर सुंदरीकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत राजस्व विभाग के अधिकारी टीम के साथ अभिलेखों में दर्ज तालाबों, पोखरों को चिह्नित कर सूची विकास विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध करा रहे हैं। तालाबों के चारों तरफ पर्यावरण को शुद्ध रखने को हरियाली के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण का लक्ष्य है। राजस्व विभाग की ओर से अब तक विकास विभाग को जो सूची उपलब्ध कराई गई है, उसमें 320 तालाब, पोखर शामिल हैं। जब विकास विभाग के अधिकारियों ने मौके पर जाकर इनका निरीक्षण किया तो वहां से अधिकांश पंचायतों में तालाब व पोखर की जमीन पर गांवों के लोगों के भवन बने मिले। कुछ ने तालाबों को खेती की जमीन में मिलाकर फसल उगानी शुरू कर दी है।
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तालाब तो मिले, विभाग के पास धन का टोटा नहीं है
वरिष्ठ अकाउंटेंट अरुण कुमार शर्मा बताते हैं कि राजस्व विभाग की ओर से विकास विभाग को जो तालाबों की सूची उपलब्ध कराई गई है, उस सूची में 320 तालाब शामिल हैं। परंतु अधिकांश तालाबों की जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर भवन बना रखे हैं। विकास विभाग के अधिकारी स्वयं तालाबों की जमीन को कब्जामुक्त करा कर सौंदर्यकरण कराने में असमर्थ है। जब तक राजस्व विभाग के अधिकारी तालाबों की जमीन को कब्जामुक्त करा चिह्नित कर नहीं देते सुंदरीकरण नहीं हो सकता। विभाग के पास धन का कोई टोटा नहीं है। लेकिन काम जमीन पर ही होगा।
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो वे जांच कर कार्रवाई करेंगे। सौंदर्यकरण तो तालाबों का होना है।
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