चांदपुर में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए नवनिर्मित्त ओवर हेड वाटर टैंक।
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लीकेज से बर्बाद हो रहा पानी तो कहीं परियोजनाएं अधूरी
बिजनौर/चांदपुर। पाइप लाइन से घर घर पेयजल पहुंचाने की परियोजनाओं में लेटलतीफी होना आम बात हैं। खास बात यह है कि कहीं लीकेज से पानी बर्बाद हो रहा है तो कहीं ओवरहैड टैंक सूखे पड़े हैं। चांदपुर शहर में तीन ओवर हैड टैंक से पानी की आपूर्ति सुचारू नहीं हो सकी है। उधर डीएम ने पेयजल परियोजनाओं पर जांच बैठा दी है। यह कदम पाइप लाइन में मिले 27 लीकेज के बाद उठाया गया।
सपा शासनकाल में पालिका के पूर्व चैयरमेन शेरबाज पठान ने नगर की पेयजल आपूर्ति में सुधार लाने के लिए ओवरहेड वाटर टैंक बनवाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। साल 2015-16 में शासन को 45 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से करीब 38 करोड़ रुपये का प्रस्ताव पास हुआ। इनमें 25 लाख लीटर पानी की क्षमता के तीन ओवरहेड टैंक, जिसमें एक नगरपालिका परिसर, एक मोहल्ला पतियापाड़ा व एक बास्टा रोड पर 2017 में निर्माण हो चुका है। पेयजल आपूर्ति कराने की योजना को करीब साढ़े चार बीत गए लेकिन अभी तक नगर क्षेत्र की जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिला है। योजना में करोड़ों खर्च हो जाने के बाद तीन ओवर हेड टैंक सफेद हाथी साबित हो रहे हैं।
जिले में चल रही केवल 162 परियोजनाएं
अभी तक केवल जिले में 162 टंकी ही चल रही है। इनमें दो निर्माणधीन हैं। इनसे करीब 300 गांवों को पाइप लाइन से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इनमेें अधिकांश ओवरहेड के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और निकाय संभाल रहे हैं। लीकेज होने के बाद ठीक कराने में ही ग्राम पंचायतों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
जलनिगम के अधिशासी अभियंता भरत सिंह ने बताया कि शासन से पूरा बजट नहीं मिलने के कारण कार्य अधूरा पड़ा है। शासन से कार्य पूरा कराने के लिए बजट की मांग की हुई है। शासन से फंड मिलने पर कार्य पूरा होगा।