बिजनौर। हल्दीवाला दूध पीकर सेहत को सुधारने का प्रयास करने वाले सचेत रहें। बाजार में बिक रही पिसी हुई हल्दी सेहत को दुरुस्त करने के बजाय नासाज कर सकती है। जिले में हल्दी के नमूनों की जांच में मेटालिन येलो कलर पाया गया है जबकि मिर्च के रंग को और चटख बनाने के लिए भी सुडान टू कलर की मिलावट पाई गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहीत कर जांच के लिए भेजता है। खाद्य पदार्थों में यदि असुरक्षित श्रेणी की मिलावट मिलती है तो इसका मुकदमा सिविल कोर्ट में चलता है जबकि सुरक्षित श्रेणी की मिलावट पर मुकदमा एडीएम प्रशासन की कोर्ट में चलता है। अभिहीत अधिकारी नादिर अली ने बताया कि बीते एक वर्ष में एडीएम कोर्ट में 153 मामलों का निर्णय हुआ है जिनमें 76 लाख का जुर्माना लगाया गया। करीब 100 मामलों में सुनवाई चल रही है। असुरक्षित श्रेणी की मिलावट के करीब 50 मामले सिविल कोर्ट में चल रहे हैं। असुरक्षित पाए गए मामलों में हल्दी और मिर्च की मिलावट के मामले भी शामिल हैं।