शेयर धनराशि के साथ गड़बड़ी हुई तो करेंगे आंदोलन
धामपुर। भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना समिति के अधिकारियों पर समिति में किसानों के जमा शेयर में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। कहा कि गन्ना समिति की ओर से किसानों के दो-दो सौ रुपये की धनराशि का सदस्यता प्रमाणपत्र बना रहे हैं, जबकि उनके समिति खाते में कई-कई सौ रुपये जमा हैं। केवल दो-दो सौ रुपये की सदस्यता का प्रमाणपत्र बनाना किसानों के साथ बेमानी है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। चेताया कि यदि उनकी शेयर धनराशि के साथ किसी प्रकार की गड़बड़ी की गई तो आंदोलन होगा।
भाकियू के तहसील अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ब्लॉक अध्यक्ष कविराज, जिला महासचिव दुष्यंत राणा, हरिराज सिंह जाट, महेंद्र सिंह आदि का कहना है कि प्रदेश के गन्ना आयुक्त के आदेश पर गन्ना विभाग के अधिकारी किसानों के गन्ना समिति में जमा शेयर धनराशि का सदस्यता प्रमाणपत्र बना रहे हैं। पूरे रकम का सदस्यता प्रमाणपत्र बनाया जाए तो ठीक है, पर दो- दो सौ रुपये का प्रमाण पत्र बनाना सही नहीं है। आरोप है कि जारी प्रमाणपत्रों में लेजर में जमा धनराशि को पूर्ण ब्योरा भी नहीं दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने इसे गंभीरता से लेते हुए आंदोलन को चेताया है। समिति के विशेष सचिव ने बताया कि समिति में 72 हजार किसान पंजीकृत हैं, जिनके शेयर जमा है उन्हीं के प्रमाणपत्रों को बनाया जा रहा है। किसानों की जमा शेयर धनराशि से कोई लेनादेना नहीं है।
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आरोप गलत : मनोज कुमार सचिव धामपुर
गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार ने किसानों के लगे आरोपों को गलत बताया है। कहा कि गन्ना विभाग शेयर धनराशि को हड़पना नहीं चाहता, बल्कि निकट भविष्य में गन्ना समिति संचालक बोर्ड के चुनाव होने वाले हैं। जिसके मद्देनजर उत्तरप्रदेश गन्ना आयुक्त के आदेश पर सदस्यों के प्रमाणपत्र तैयार किए जा रहे हैं। सदस्य बनने का शुल्क दो सौ रुपये ही होता है, जिसे उनके जमा शेयर धनराशि में से काटा जा रहा है।