नजीबाबाद में दूरस्थ क्षेत्र में बरसाती नदियों में हो रहे अवैध खनन को आज तक प्रशासन रोक नहीं सका और अब नगर क्षेत्र में ही मालन नदी पुल के नीचे भी गहरे गड्ढे कर रेत का खनन किया जाने लगा है। बुग्गियों से नदी से निकाला गया रेत बिजौरी तिराहे पर ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में भरकर ले जाया जा रहा है।
क्षेत्र की बरसाती नदियों कोटावाली, मालन नदी, रतनाल नदी, लकड़हान नदी और सूखरो नदी में रेत-बजरी का अवैध खनन जारी है। खनन पर रोक होने के बावजूद खनन माफियाओं द्वारा रेत-बजरी का लगातार खनन किया जा रहा है। अब तक दूरस्थ क्षेत्रों में बरसाती नदियों में रेत-बजरी निकाली जा रही थी, मगर अब तो खनन माफियाओं में प्रशासन और पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है। दरअसल नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग पर नगर से सटे मालन नदी
पुल के नीचे दिनदहाड़े बड़े-
बड़े गड्ढे कर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है।
कई जगह करीब पांच-छह फिट गहरे गड्ढे किए जा चुके हैं। मालन नदी से निकलने वाला रेत बुग्गियों में भरकर बिजौरी के तिराहा क्षेत्र में ले जाकर उतारा जा रहा है। यहां काफी रेत एकत्र होने पर उसे ट्रेक्टर ट्रॉले में भरकर अन्यत्र ले जाकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। पुल के दोनों ओर नदी क्षेत्र को खोखला किया जा रहा है। आगामी मानसून में नदी में उफान आया तो पुल को खतरा बढ़ जाएगा। इसके अलावा कल्हेड़ी, लुकादड़ी, चंदनपुरा, बीरूवाला सहित कई जगहों से नदी से रेत निकाला जा रहा है। एसडीएम वीके सिंह ने कहा कि 15 फरवरी को चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न होने पर खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।