बिजनौर। अनियमित दिनचर्या, देर रात तक जागना, फास्ट फूड और बढ़ते तनाव की वजह से लोगों में इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल अस्पताल में रोजाना पांच मरीज तक आईबीएस की समस्या के पहुंच रहे हैं। कम उम्र में ही लोगों इस समस्या से पीड़ित हैं। मरीजों का इतिहास जानकार चिकित्सक मरीजों को दवा लिख रहे हैं।
डॉ. हरिपाल ने बताया कि आईबीएस में आंतों के संचलन में गड़बड़ी हो जाती है। इससे पेट दर्द, बार-बार शौच की इच्छा, एक बार में पेट साफ न होना, गैस, कब्ज और दस्त जैसे लक्षण सामने आते हैं। इससे बचने के लिए शुरुआत में ही सतर्कता जरूरी है। आईबीएस गलत जीवनशैली, पेट के संक्रमण, धुम्रपान, अनुवांशिक कारणों से हो रहा है।
बिगड़ी दिनचर्या, संक्रमण की वजह से आईबीएस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। देर रात तक जागने की वजह से यह परेशानी ज्यादा दिखाई दे रही है। भोजन में हरी सब्जियां, सलाद, दाल, छाछ, फल आदि को शामिल करें। वहीं, बहुत तला-भुना, मसालेदार खाना, जंक फूड, कोल्ड ड्रिंक और देर रात खाना खाने से बचें। -डॉ. हरिपाल, जनरल फिजीशियन, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर