बिजनौर में डीएम विनोद पंवार, जिला जज पीके श्रीवास्तव, एसपी सुभाष बघेल ने मंगलवार को जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने बिना पैरवी के बंद बंदियों को तत्काल सरकारी वकील उपलब्ध कराते हुए कानूनी सहायता दिलाने के निर्देश दिए। एक बंदी ने कहा कि भाई की जगह नौ साल से उसे सलाखों के पीछे बंद कर रखा है। डीएम ने इस मामले में जांच कराने के निर्देश दिए।
मंगलवार को जेल के निरीक्षण के दौरान बैरक दो में बंद बंदी इरफान ने अफसरों को बताया कि वह अपने तीन पुत्रों के साथ एक साल से ज्यादा समय से जेल में बंद है। विरोधी पक्ष उनकी जमानत में रुकावट पैदा कर रहा है। इस कारण उनकी जमानत नहीं हो पा रही है।
डीएम ने एसपी से इस मामले में जांच कराने को कहा। हल्दौर निवासी बंदी ब्रह्मपाल ने शिकायत की तारीख पर कोर्ट जाते समय वाहन में बड़ी तादाद में बंदी भर लिए जाते हैं । वाहन में घुटन होती है। डीएम ने जेल अधीक्षक को मानक से अधिक बंदी वाहन में न भरने के निर्देश दिए। जेल अस्पताल के मुआयने में बंदी गांव साबूवाला निवासी बबलू ने कहा कि उसे उसके भाई पप्पू के नाम पर वर्ष 2006 से जेल में बंद कर रखा है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। जुर्म करने वाला उसका भाई पप्पूू लापता है।
डीएम ने एसपी से इस मामले की जांच कराकर जांच आख्या उन्हें भेजने के निर्देश दिए। कई बंदियों ने आंख में बीमारी की शिकायत की। डीएम ने चिकित्सक को निर्देश दिए कि अगले माह सीतापुर अस्पताल में लगे कैंप में बंदियों की आंखों की जांच कराई जाए।
महिला बैरक में बंद पूरब की शातिर अपराधी विजय उर्फ विजईया ने कहा कि वह एटा जेल से आई है। उन्हें एटा में मुकदमा की तारीख पर नियमित रूप से भेजने का अनुरोध किया, ताकि न्यायालय में वह अपना पक्ष रख सके। डीएम ने इस मामले में जेल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए। इस मौके पर जेल अधीक्षक अरुण कुमार सक्सेना, जेलर आकाश शर्मा, रियाज अहमद आदि मौजूद थे।