बिजनौर में गन्ना बकाया भुगतान और बिजली किल्लत से आजिज आए किसानों ने प्रदर्शन करते हुए इंदिरा बाल भवन में धरना दिया। वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अजय तिवारी को सौंपा।
रशीदपुर गढ़ी चौक पर भाकियू के बैनर तले एकत्र हुए किसान जुलूस की शक्ल में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व पैदल प्रदर्शन करते हुए इंदिरा बाल भवन पहुंचे। सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर गन्ने बंधे थे। इंदिरा बाल भवन में आयोजित धरने में भाकियू के वेस्ट यूपी महासचिव ने कहा कि गन्ना भुगतान न मिलने से किसान की कमर टूटी है। परिवार को पालने के लिए किसान कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों को ब्याज तो क्या, उनके मूल का भी भुगतान नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने यूपी और केंद्र सरकार पर किसानों को बर्बाद करने की साजिश करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसान को भुगतान देने के बजाए सरकारें मिलों को रुपये दे रही हैं। जिला्यक्ष ठाकुर रामअवतार सिंह ने कहा कि सरकारें किसानों के बजाए उद्योगपतियों को राहत पहुंचा रही है।
तीन सालों से कोई गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। रामकुमार धनकड़ ने कहा कभी बारिश तो कभी सूखे से किसान की फसल बर्बाद हो रही है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं, किसानों की हालत सुधारने की कोशिश की नहीं जा रही। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में ब्याज सहित गन्ना भुगतान कराने, गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति कुंतल घोषित करने, 18 घंटे बिजली देने, गांवों को ट्यूबवेल के ट्रांसफार्मर से अलग करने, जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने, कटान से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाने, गांव रायपुर बेरीसाल में 40 साल पहले अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा दिलाने की मांग की गई। इस दौरान सेवानिवृत्त सीओ महेंद्र सिंह, सोनू लाटियान, विपिन कुमार, सौरभ, सचिन, लियाकत हुसैन, अकरम आदि मौजूद रहे।