संवाद न्यूज एजेंसी
किरतपुर (बिजनौर)। फारूख की हत्या करने के बाद मेहरबान ने मौके से ही अमरीन को व्हाट्सएप कॉल की। उसने कॉल पर बताया था कि फारुख का काम तमाम कर दिया गया है।
पुलिस ने हत्या में शामिल मेहरबान और उमर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया तो अमरीन के साजिश में शामिल होने का खुलासा हुआ। पुलिस की पूछताछ में अमरीन ने बताया कि निकाह के बाद फारूख सऊदी चला गया था। इस दौरान मेहरबान से उसकी नजदीकियां बढ़ गईं। तीन साल पहले फारूख सऊदी से लौटा तो उसे दोनों के रिश्ते की भनक लग गई और वह सऊदी वापस नहीं गया। वह यहीं रहकर टाटा मैजिक चलाने लगा। इसके बावजूद पत्नी और मेहरबान के रिश्ते जारी रहे। हत्या वाले दिन अमरीन घर पर बेचैनी से सूचना मिलने का इंतजार कर रही थी।
दादा-दादी के सहारे रह गए दो बच्चे : अमरीन और फारुख की चार साल की बेटी और दो साल का बेटा है। फारुख अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी हत्या के बाद अमरीन भी गिरफ्तार हो गई। अब दोनों बच्चों के लिए बूढ़े दादा-दादी ही सहारा बचे हैं।