बिजनौर। फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश अलका चौधरी ने पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए मृतका के पति कुशल पाल को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड में से आधी राशि मृतका के पिता को दी जाएगी।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार थाना स्योहारा के गांव बेरखेड़ा निवासी अतर सिंह की पुत्री गीता की शादी वर्ष 2013 में थाना कोतवाली देहात के गांव शादीपुर निवासी कुशल पाल के साथ हुई थी। कुशल पाल के दो बच्चे हैं। बेटी डिंपल छह वर्ष, बेटा विपिन चार वर्ष का है। कुशल पाल शादी के बाद से ही शराब पीकर गीता के साथ मारपीट करता था। गीता ने अपने पति को अनेक बार समझाया, लेकिन वह नहीं माना।
23 जुलाई 2023 की रात्रि में कुशल पाल ने गीता की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी। इसकी सूचना कुशल पाल के भाई सूरजपाल ने दी। सूचना मिलने के बाद वह अपनी बेटी गीता की ससुराल पहुंचे तो गीता मृत अवस्था में थी। उसकी नाक से झाग निकल रहे थे। कुशल पाल घर पर नहीं था। इस घटना की रिपोर्ट अतर सिंह ने थाना कोतवाली देहात में कुशल पाल के विरुद्ध दर्ज कराई।
अतर सिंह ने अपने बयान में यह भी कहा कि कुशल पाल नशा करके अपने भाई, पिताजी अन्य घर वालों से भी लड़ता था। कोर्ट ने इस मामले में उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कुशल पाल को अपनी पत्नी गीता की हत्या का दोषी माना। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि उसने गीता की हत्या करके गंभीर अपराध किया है। कोर्ट ने कुशल पाल को पत्नी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।