कालागढ़ (बिजनौर)। कालागढ़ में हाथीशाला के सामने मानव खोपड़ी मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने खोपड़ी का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रविवार को हाथीशाला के सामने 33 केवीए बिजलीघर के निकट मानव खोपड़ी का कंकाल मिला है। सूचना मिलने पर पुलिस व वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंची। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में राहगीर जमा हो गए। पुलिस ने आसपास खोजबीन की तो सामने सिंचाई विभाग के स्टोर की दीवार पर बाघ के पगचिह्न, रक्त के निशान और कुछ बाल पड़े मिले। पुलिस ने सभी को सील कर पंचनामा भर दिया। खोपड़ी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- डीएनए जांच कर होगी शिनाख्त
पुलिस क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल का कहना है कि प्रथमदृष्टया यह मामला बाघ के खाने का प्रतीत हो रहा है। वन विभाग को सूचना दी गई है। पुलिस व वन विभाग की टीमें जंगल में कांबिंग कर रही हैं। केंद्रीय काॅलोनी के संजयनगर से 23 मार्च से चमनलाल गुप्ता के 40 वर्षीय चाचा भारत सिंह गुप्ता लापता थे। जिनकी परिजन तलाश कर रहे हैं। खोपड़ी का मांस गायब है। अन्य अंग नहीं मिले हैं। डीएनए जांच कर पता लगाया जा सकता है कि खोपड़ी गुमशुदा भारत सिंह की है या नहीं।
- दांत व आंख से शिनाख्त का दावा
चमनलाल ने पुलिस को बताया कि उसके चाचा के दो दांत टूटे थे। उनकी एक आंख भी खराब थी। खोपड़ी को देखकर लगता है कि यह उनकी ही है। वह मजदूरी करते थे। गायब होने पर उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। परिजन भी उसे तलाश रहे थे। आज भी वे मौके पर पहुंचे थे। दुर्गंध आने पर जंगल की ओर आगे बढ़ने पर खोपड़ी का कंकाल मिला।
- बाघ बाहुल्य क्षेत्र
कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज के वनक्षेत्राधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि यह वन्यजीव बाहुल्य क्षेत्र है। यहां बाघ विचरण करता है। इस क्षेत्र से सावधानी से आवश्यकता होने पर गुजरें। गश्ती दलों को सतर्क कर दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
- आम नागरिकों का आवागमन प्रतिबंधित
सुरक्षा बैरियर संख्या छह से केवल सरकारी वाहनों व कर्मचारियों के आवागमन का ही प्राविधान है। यह रामगंगा बांध परियोजना का प्रतिबंधित क्षेत्र है। उसके बावजूद भी बैरियर पर सख्ती न होने के कारण यहां से आम नागरिक गुजरते हैं। जबकि कालागढ़ में प्रवेश व निकास के लिए बैरियर संख्या दो है।