संवाद न्यूज एजेंसी
- आर्य समाज के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव का हुआ समापन
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नजीबाबाद। मानव जीवन का उद्देश्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति है। बिना धर्म मानव जीवन पशु समान होता है। आर्य समाज के दो दिवसीय वार्षिकोत्सव समापन पर आर्य समाज के विद्वान हर प्रसाद शास्त्री ने वैदिक प्रवचन के दौरान यह उद्गार व्यक्त किए।
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में आर्य समाज के दो दिवसीय 123 वें वार्षिक महोत्सव के दूसरे दिन यज्ञ और प्रवचन में आर्य समाज के उद्देश्यों को व्यवहार में लाने का संकल्प लिया गया। आर्य समाज के प्रधान सुशील कुमार, स्कूल के प्रबंधक पवन आर्य, मंत्री प्रणवीर आर्य, वीर भान के नेतृत्व में आयोजित महोत्सव के दूसरे दिन पवन कुमार और मीनाक्षी के यजमान में यज्ञ आयोजित किया गया।
प्रवचन के दौरान हर प्रसाद शास्त्री ने धर्म और वेदों के सार को ग्रहण करने, जन कल्याण के लिए जीवन को समर्पित रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का उद्देश्य धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष प्राप्ति है। उन्होंने भारतीय संस्कृति की रक्षा करने और वेद प्रचार के लिए कार्य करने की सलाह दी। आर्य समाज वार्षिक महोत्सव समापन पर सुरेशचंद शर्मा, सत्यप्रकाश शर्मा, अशोक कुमार, नानक चंद आर्य, भूपेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, कृष्णवीर, किशनलाल आदि उपस्थित रहे।