बिजनौर में अष्टमी पर कन्याओं को तिलक करती महिला श्रद्धालु।
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बिजनौर जिले में नवरात्र की अष्टमी पर श्रद्धालुओं ने माता रानी के स्वरूप कन्याओं को जिमाकर उनको भोजन कराया। कन्याओं को भोजन कराने के बाद ही श्रद्धालुओं ने भोजन ग्रहण कर अपने व्रत खोले। मंदिरों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
रविवार को गली मोहल्लों में सुबह से ही श्रद्धालु कन्याओं को घर-घर से बुलाकर लाए। कन्याओं को घर पर बुलाकर उनको भोजन ग्रहण कराया गया। श्रद्धालुओं ने कन्याओं के पैर धोकर व शगुन के रूप में कुछ भेंट देकर विदा किया। कन्याओं को भोजन ग्रहण कराने के बाद ही श्रद्धालुओं ने अपने व्रत पूरे करते हुए अन्न ग्रहण किया। अनेक जगह पर मंदिरों पर भी कन्याओं को सामूहिक भोजन ग्रहण कराया गया। श्रद्धालु अपने घरों से खाना बनाकर मंदिर ले गए। वहां पर कन्याओं को सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण कराया व उनका आशीर्वाद लिया। वहीं मंदिरों पर भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। चामुंडा मंदिर व झालू रोड स्थित मां कालिका शक्ति पीठ मंदिर पर मेला आयोजित किया गया। मेले में शहर भर के अलावा आसपास के गांवों के गांव वालों ने भी प्रसाद चढ़ाया। व्यवस्था बनाने के लिए मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं को लाइन में लगवाकर प्रसाद चढ़वाया।
उधर, धामपुर में शारदीय नवरात्र पर कन्या को देवी का रूप मानकर उनके चरणों को धोने के बाद आसन धारण कराकर भोजन कराया गया। बाद में दान दक्षिणा दी। देवी स्वरूप कन्याओं के पैरों को छूकर आशीर्वाद लिया। रेहड़ के कासमपुरगढ़ी मुख्य बाजार स्थित शिव मंदिर, अचाराजान मंदिर व कोटबाग मंदिर में अष्टमी के चलते प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना करने वालों की भारी भीड़ लगी रही। अफजलगढ़ में बड़ा शिव मंदिर में दुर्गा पूजा महोत्सव समिति द्वारा दुर्गा पूजा का आयोजन हुआ।
वहीं नजीबाबाद में रविवार सुबह से ही घर-घर मां दुुर्गा का पाठ और विधिविधान से पूजन, आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को प्रसाद का भोग लगाने के साथ कन्या पूजन किया। श्रद्धालुओं के घरों पर पहुंचीं कन्याओं के चरण धोकर उन्हें घर में विराजित किया। उनके माथे पर रोली तिलक कर पूजन किया और भोग लगा प्रसाद और उपहार कन्याओं को प्रदान किए। देवी रूप कन्याओं ने भी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। दुर्गा अष्टमी पर देवी मंदिरों में भी लोगों की खासी भीड़ रही। भवन मंदिर पर परंपरागत अष्टमी मेले का भी आयोजन किया गया।