नूरपुर। पुरानी चीजों को सहेज कर रखने की तमन्ना सभी की होती है, लेकिन नूरपुर के मोहल्ला हजरतनगर निवासी खुर्शीद अहमद को पुरानी करेंसी एकत्रित करने का शौक जुनून में बदल चुका है। उनके पास प्राचीन कालीन कई मुद्राएं मौजूद हैं।
धामपुर चौराहे पर किराना की दुकान करने वाले खुर्शीद अहमद बताते हैं कि वह लगभग 15 वर्षों से पुरानी करेंसी एकत्रित कर रहे हैं। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों को देख उन्हें इसकी प्रेरणा मिली और वह पुरानी मुद्राएं एकत्रित करने लगे।
उनके पास एक आना, दो आना, दस पैसे के अलावा काफी मात्रा में पुराने सिक्के हैं। कई सिक्के तो ऐसे हैं जिन्हें पहचान पाना भी मुश्किल है। उनके पास सिक्कों के अलावा कनाडा, नेपाल, भूटान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान आदि देशों की करेंसी की काफी मुद्राएं हैं। जैसे ही उन्हें पता चलता कि किसी व्यक्ति के पास पुरानी मुद्रा है ,वह उसे खरीद लेते हैं।
अब तो लोगों को भी उनके बारे में पता चल गया है और वह खुद ही ऐसी करेंसी बेचने उनके यहां आते हैं। वह करेंसी से अधिक कीमत पर इन्हें खरीदते हैं।