पुत्री की तलाश में पुलिस द्वारा दबिस देने के लिए गाड़ियों की व्यवस्था व इधर-उधर आने जाने में उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है। पुत्री की तलाश में पिता ने पहले पचास हजार रुपये कर्ज पर लिए थे, जो पुत्री की तलाश में खर्च हो गए।
जब पुनः कर्ज नहीं मिल सका तो मजबूरन लाचार पिता को घर का खर्च चला रही एक मात्र दूध देने वाली भैंस को भी बेचना पड़ गया। माता पिता का आरोप है कि उनकी पुत्री मुरादाबाद जिले के उन्हीं के समाज के एक जिला पंचायत सदस्य के कब्जे में है। आरोपियों को इस दबंग नेता का संरक्षण प्राप्त है। दो महीने से थाने के चक्कर काटकर माता पिता थक चुके हैं।
किशोरी की बरामदगी के लिए टीम लगी हुई है। जहां भी किशोरी की लोकेशन प्राप्त हो रही है पुलिस टीम वहीं दबिस दे रही है। शीघ्र ही किशोरी को बरामद किया जाएगा। - राजीव चौधरी, प्रभारी निरीक्षक थाना स्योहारा