बिजनौर। तू डाल-डाल मैं पात-पात वाली कहावत साइबर ठगी में चरितार्थ हो रही है। दरअसल लोग ठगी के किसी एक तरीके को लेकर जागरुक होते हैं, तब तक साइबर क्रिमिनल दूसरा पैंतरा अपना लेते हैं। बार-बार बदल रहे ठगी के तौर तरीकों में लोग फंस कर रह जाते हैं। साल दर साल भी ठगी की शिकायतों में इजाफा हुआ है।
इस साल अब तक साइबर सेल को 710 लोगों ने ठगी होने की शिकायत की है। इनमें चंद लोगों की रकम ही साइबर ठगों के वॉलेट से वापस हुई है बाकि की शिकायत यूं ही रह जाती है। सिर्फ नासमझ ही नहीं बल्कि पढ़े लिखे लोग भी इसका शिकार बन रहे हैं। बिजनौर में हर रोज पांच से छह शिकायतें दर्ज की जाती हैं। कुछ लोग शिकायत करना भी गंवारा नहीं समझते।
यूं बदल रहे तरीका
पहले बैंक अकाउंट या एटीएम बंद होने की बात कहकर पर्सनल जानकारी ले ली जाती थी। लोग सचेत हुए तो ओएलएक्स पर सामान बेचने और खरीदने वालों को ठगा जाने लगा। जो इनमें भी ना फंसे उन्हें वीडियो चैटिंग में अश्लील क्लिप बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले भी सामने आ रहे हैं। फेसबुक अकाउंट बनाकर पैसा मांगना भी पुराना हो चला है। हाल ही में रिटायर्ड अधिकारी निशाने पर हैं। जिन्हें ट्रेजरी से बात करने के बहाने जानकारी ली जा रही है। हाल ही में धामपुर के बेसिक शिक्षा विभाग से रिटायर्ड हुए अधिकारी से एक लाख साठ हजार की ठगी की गई है।
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ऐसे बढ़ रहा आंकड़ा
साल शिकायत
2021 710
2020 450
2019 220
वर्जन:
लोगों को लगातार जागरुक किया जा रहा है। किसी भी फोन कॉल पर ओटीपी या अकाउंट से जुड़ी को पर्सनल जानकारी शेयर ना करें। ठगी करने वालों के वॉलेट से लाखों रुपये वापस भी कराएं जा चुके हैं। ....डा. धर्मवीर सिंह, एसपी
संवाद