हेलो हमसफर, नूरपुर रोड से गुजर रहे खनन अफसर
बिजनौर। मंगलवार को निरीक्षण पर निकले खनन अधिकारी ब्रजेश गौतम की गाड़ी को नूरपुर-मुरादाबाद रोड पर चार गाड़ियों ने फिल्मी अंदाज में घेर लिया। दो गाड़ी आगे और दो गाड़ी पीछे चलने लगीं। शक हुआ तो खनन अधिकारी ने गनर की मदद से एक कार को रोक लिया और उसमें सवार व्यक्ति को पकड़ लिया। उससे मोबाइल छीना तो पता चला, वह हमसफर नाम के एक ग्रुप में लगातार लोकेशन शेयर कर रहा था। उसमें आवाज रिकॉर्ड कर मेसेज भी डाले जा रहे थे, जिसमें वह हर पल की लोकेशन दे रहा था। खनन निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
खनन अधिकारी ब्रजेश गौतम मंगलवार की सुबह छापा मारने के लिए नूरपुर-मुरादाबाद रोड पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान एक ओवरलोड खनन से भरा ट्रक पकड़कर उसका चालान कर दिया। खनन अधिकारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि इसके बाद वह अपनी गाड़ी से चले तो चार गाड़ी उनका पीछा करने लगीं। फिल्मी अंदाज में कभी दो गाड़ी ओवरटेक करके आगे जातीं तो दो गाड़ी पीछा करने लगतीं। शक होने पर साथ में मौजूद गनन की मदद से एक गाड़ी को पकड़ लिया। उसमें सवार असलम निवासी ठाकुरद्वारा मुरादाबाद को पकड़ लिया, जबकि उसका एक साथी फरार हो गया। वह असलम को पकड़कर नूरपुर थाने ले आए। वहां उसके मोबाइल को देखा गया तो पता चला उसने हमसफर नाम से व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था। जिस पर वह लगातार खनन अधिकारी की लोकेशन बता रहा था, ताकि दूसरे खनन से भरे वाहनों को सुरक्षित पास कराया जा सके। पुलिस ने खनन अधिकारी की तहरीर पर धारा 332, 341, 120 बी समेत खनन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
असलम के पकड़े जाते ही ग्रुप पर हड़कंप
खनन अधिकारी ने बताया कि जैसे ही असलम पकड़ा गया तो हमसफर नाम के इस ग्रुप पर हड़कंप सा मच गया। उस पर मेसेज आने लगे कि असलम पकड़ा गया है, सभी हमसफर के साथी ग्रुप डिलीट कर दो, लेकिन तब तक पुलिस और खनन अधिकारियों के हाथ मोबाइल लग चुका था। खनन अधिकारी ने बताया कि जिस हमसफर ग्रुप में लोकेशन शेयर की जा रही थी, उसमें करीब 15 लोग जुड़े थे। ये सभी खनन के काम से जुड़े हैं। प्रथम दृष्टया पता चल रहा है कि ये लोग काशीपुर से आने वाले खनन से भरे ट्रकों को सीमा पार कराने के लिए अधिकारियों पर नजर रखते हैं। ग्रुप से जुड़े लोगों पर भी खनन अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया गया है।