बिजनौर/जलीलपुर/ हीमपुरदीपा में बारिश और ओलावृष्टि के साथ आई आंधी ने बृहस्पतिवार रात जिले के कई गांव में भारी नुकसान किया। जलीलपुर क्षेत्र में सर्वाधिक आंधी का प्रकोप रहा। आंधी में कई घर गिर गए और मलबे की चपेट में आकर चार दर्जन ग्रामीण घायल हो गए।
बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे मौसम बिगड़ना शुरू हुआ। करीब साढ़े नौ बजे आंधी के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी शुरू हो गई। करीब दो घंटे तक आंधी का प्रकोप बना रहा। जलीलपुर क्षेत्र के गांव रवाना आंधी की चपेट में रही। टीन, सीमेंट और फूस से बनी मकानों व पशुशालाओं की शेड उखड़कर दूसरे मकानों पर गिर गए। गांव में अफरातफरी रही।
ग्रामीणों ने एक दूसरे की मदद कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। वहीं, इस बीच पशु भी घायल हो गए। गांव में अफसर के दो मंजिला मकान की दीवार और छत जाहिद के मकान पर गिर गई। इस बीच जाहिद का मकान भी गिर गया। मकान में जाकिरा, शाहीन, हाफिया, असरा भी घायल हो गए। आंधी सेे नवादा, रवाना रोड पर नहर के पुल से लगाकर हरीनगर सलेमपुर मनौटा, बेरखेड़ा, धींवरपुरा आदि गांव में विद्युत पोल और वृक्ष गिर गए। करीब दो घंटे बाद आंधी रुकी।
36 लोग चोटिल
गांव रवाना में ग्रामीणों के अनुसार 100 से अधिक मकानों में आंशिक व व्यापक नुकसान हुआ और 50 से ज्यादा ग्रामीण घायल हुए हैं। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार करीब तीन दर्जन मकानों में नुकसान है। एक दर्जन लोग आंशिक चोटिल हुए है।
रात में नहीं मिली मदद
आंधी से मलबे में दबकर घायल हुए गांव रवाना के ग्रामीणों को रात में कोई मदद नहीं मिली। घायलों ने स्थानीय चिकित्सकों से ही प्राथमिक उपचार कराया। वहीं, अधिकांश ने बताया सुबह फोन करते ही राजस्व विभाग की टीम पहुंच गई थी।
ये हुए घायल
तुल्लाशाह, जाकिरा, शाहीन, हाफिया, शांति देवी, कैलाश, पुष्पा देवी, आशिया, आतिफ, विक्रम सिंह, जसराम सिंह, कालू सिंह, सूरज सिंह, बब्ली, हसरत, सरोज देवी, अमरपाल आदि दर्जनों लोग हादसे में घायल हो गए। एसडीएम ने बताया कि तूफान में एक दर्जन लोग घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के बाद घर भेज दिया है। कुछ को बिजनौर भेजा गया था। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार करीब 40 मकानों मे नुकसान है। प्रभावित ग्रामीणों की तुरंत मदद की गई है। घायलों के इलाज की समुचित व्यवस्था है।
इनका हुआ नुकसान
ग्रामीणों में सद्दाम, इस्लाम, जाहिद, शशि, कालू सिंह, जयपाल सिंह, मुकेश कुमार, अफसर, धर्मवीर सिंह, विक्रम सिंह, अली हसन, नौशाद, फारूक, रमेश सिंह, ताराचंद, मनोज, नरेंद्र, सुशील, हनीफ आदि दर्जनों सहित दर्जनों के मकानों में नुकसान हुआ।