बिजनौर। मेडिकल अस्पताल में जांच सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। मेडिकल अस्पताल में हृदय की मांसपेशियों के नुकसान की जानकारी 15 मिनट में मिल रही है। इसका फायदा हृदय रोगियों के इलाज में मिल रहा है। अस्पताल में रोजाना दो से तीन लोगों की ट्रॉप आई जांच हो रही है।
मेडिकल अस्पताल में रोजाना सीने में दर्द के मरीज पहुंचे रहे हैं। अक्सर देखा जा रहा है कि गैस की वजह से भी सीने में दर्द होता है। लेकिन, लोग इसे हार्ट अटैक समझ लेते हैं। अब लोगों का सही इलाज हो सके। इसका पता लगाने के लिए ट्रॉप आई जांच शुरू हो गई है।
ट्रॉप आई (ट्राॅपोनिन आई) टेस्ट एक रक्त परीक्षण है। जो, हृदय की मांसपेशियों को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए किया जाता है। जब, हृदय की मांसपेशी को चोट लगती है तो ट्रॉपोनिन आई प्रोटीन रक्तप्रवाह में चला जाता है। यह टेस्ट इस प्रोटीन के स्तर को मापता है।
इससे डॉक्टर दिल के दौरे का आंकलन कर सकते हैं। अगर, जांच के दौरान ट्राॅपोनिन प्रोटीन की मात्रा ज्यादा आती है तो हार्ट अटैक की पुष्टि होती है।
मेडिकल अस्पताल में तीन माह पहले यह जांच शुरू हो गई है। करीब 90 लोगों की जांच की गई। इससे हार्ट अटैक कितने समय में आया, कितना खतरनाक है इसका पुष्टि हुई। बाद में मरीजों का इलाज शुरू किया है।