बिजनौर में चांदपुर के मोहल्ला शाहचंदन में मकान में विस्फोट होने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत से पूरा परिवार टूट गया। परिवार में दो बच्चे और एक युवक के अलावा कोई नहीं बचा है। ये दोनों बच्चे घटना के दौरान स्कूल गए थे। वरना ये भी विस्फोट की चपेट में आ जाते।
यामीन के घर में विस्फोट से यामीन के अलावा उसका पुत्र हसीन, हसीन की पत्नी भूरी व उसकी पांच साल की बेटी उमेरा की मौत हो गई है। इनके अलावा गांव जमाईपुरा निवासी यामीन का मामा तुफैल व मांगने वाली महिला स्याऊ निवासी कनिक फात्मा की मौत हो गई है। तुफैल यामीन को किसी शादी में ले जाने के लिए घर आया था। इस दौरान ही विस्फोट हो गया और उसकी मौत हो गई। यामीन का एक बेटा घर पर नहीं था। दो छोटे बच्चे स्कूल गए थे। जो इस घटना की चपेट में नहीं आए। बच्चे व बेटा घर पर होते, तो ये भी विस्फोट की चपेट में आ जाते। एक साथ परिवार के चार सदस्यों की मौत ने आसपास के लोगों को भी हिलाकर रख दिया है। इस घटना से लोग सहमे हुए हैं।
यामीन का पूरा परिवार एक साथ मिलकर पटाखे बनाने का काम करता था। बच्चे भी इस काम में जुट जाते थे। दिन से लेकर रात घर में पटाखे बनाने का काम चलता था। गनीमत रही कि रात के समय सभी परिजनों की मौजूदगी मेें विस्फोट नहीं हुआ। वरना पूरे परिवार का खात्मा हो जाता। चांदपुर थाने केे प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह के मुताबिक यामीन के घर में दो बच्चे व एक बेटा सलामत बचा है।
विस्फोट का राज कहीं मलबे में तो नहीं
बिजनौर। चांदपुर के मोहल्ला शाहचंदन में यामीन के घर में विस्फोटक में आग कैसे लगी, यह अभी रहस्य बना हुआ है। प्रशासन भले ही यह बात कहे कि विस्फोटक में आग लगने और गैस का सिलेंडर फटने से विस्फोट हुआ है, पर यह कहानी किसी के गले नहीं उतर रही है। विस्फोट के पीछे और भी कोई कारण हो सकते हैं। यामीन के घर में आतिशबाजी का पुश्तैनी कारोबार चला आ रहा था। पड़ोस के लोगों की माने तो, तीसरी पीढ़ी यह काम कर ही है। यामीन आतिशबाजी का लाइसेंस होल्डर है। जांच के दौरान उसने जंगल में बनी कोठरी में आतिशबाजी का कारोबार होना बताया था। पर हकीकत यह है कि सारी आतिशबाजी यामीन के घर पर ही बनती थी। शादियों का सीजन शुरू होने पर आतिशबाजी बनाने का काम तेजी से चल रहा था। लोगों की माने, तो इन दिनों यामीन के घर में आतिशबाजी का भारी भंडार था। दिन में तेज धमाके के साथ विस्फोट होने से सभी सन्न रह गए। किसी की समझ में नहीं आया कि माजरा क्या है। अफरा तफरी के माहौल में सभी यामीन के घर की ओर दौड़े, देखा कि मकान धराशायी हुआ पड़ा है। आसपास के मकानों में भी दरारें है।
मलबे में परिजन दबे पड़े है। सब लोग एक साथ मलबे में दबे लोगों को निकालने के साथ विस्फोट में लगी आग को बुझाने में जुट गए। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने से पहले लोगों ने काफी हद तक आग पर काबू पा लिया था। लोगों की समझ में अभी यह नहीं आ रहा है कि इतना भयानक विस्फोट कैसे हुआ। सिलेंडर लीक होने से विस्फोट होने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। लोग मान रहे हैं कि कही घर में घातक विस्फोटक सामग्री तो नहीं थी। हालांकि पड़ोस के लोग आतिशबाजी के सामान में विस्फोट होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि मोहल्ले के सब लोग जानते है कि यामीन के घर में आतिशबाजी का कारोबार चलता है।
उधर, एसपी सुभाष बघेल के मुताबिक यामीन के घर में गैस सिलेंडर लीक हो गया था। यामीन का बेटा यासीन घर से बाहर था। उसे घर बुलाया गया। इस दौरान लीक हो रहे सिलेंडर से आग भड़क गई और आतिशबाजी में आग जा लगी। आतिशबाजी में आग लगने से विस्फोट होने के बाद यह हादसा हुुआ है। इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।