- करीब 104 साल के आयु में मंगलवार-बुधवार रात हो गया निधन
- एक जिद के कारण नहीं कटवाए थे बाल और दाढ़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरुकी (बिजनौर)। ग्राम बांकपुर निवासी हरकेश सिंह जीवन भर अपनी बाल नहीं कटवाने की जिद से बंधे रहे। उनकी यह जिद इतनी प्रबल थी कि उन्होंने अपना हुलिया ही बदल लिया लेकिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाई। करीब 104 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
हरकेश सिंह को एक नाई की बात ऐसी चुभ गई थी कि उन्होंने जीवन भर बाल न कटवाने का संकल्प कर लिया था। जाट परिवार के स्वर्गीय लोका सिंह के बड़े पुत्र हरकेश सिंह ने करीब 66 साल से न तो सिर के बाल कटवाए और न ही दाढ़ी बनवाई थी।
हरकेश बताते थे कि बात सन 1958 की थी। उस समय नाई घर-घर जाकर दाढ़ी बनाते और बाल काटा करते थे । उनके घर पर भी एक नाई परिजनों के बाल काटने आता था। एक दिन नाई हरकेश सिंह के बाल काटने आया। जब वह बाल काट रहा था, तब हरकेश सिंह उसके कपड़ों से बदबू आ रही थी। इस पर उन्होंने नाई से कहा कि वह जब भी उनके बाल काटने आए तो नहाकर आया करे। इस पर नाई उखड़ गया और तल्ख लहजे में बोला कि वह नहाकर नहीं आएगा और बगैर नाई के हरकेश सिंह के बाल नहीं कटेंगे।
इस पर हरकेश सिंह को भी गुस्सा आ गया और उन्होंने नाई के सामने ही प्रण कर लिया कि या तो नाई नहाकर आएगा अन्यथा वह न तो बाल कटवाएंगे और ना ही दाढ़ी बनाएंगे। तब से वे अपने प्रण पर कायम रहे।
कड़ा और कृपाण भी कर लिए थे धारण
हरकेश सिंह बताते थे कि शुरू में उन्हें परेशानी महसूस हुई थी। जब उनके बाल बड़े होने लगे तो उन्होंने पगड़ी बांधनी शुरू की। गांव वाले उन्हें सरदार जी कहने लगे। उनके गांव में जोत सिंह नाम के एक सिख व्यापारी कपड़ा बेचने आते थे। उन्होंने हरकेश सिंह का हुलिया देखकर उन्हें एक कड़ा और कृपाण भेंट कर दिए थे। तब से हरकेश सिंह ने ये भी धारण कर लिए थे।