प्रदर्शन करते राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी की बैठक में किसानों की समस्याओं पर चर्चा की गई। किसानों ने ऋण जमा कराने के नाम पर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार धर्मेंद्र सिंह को सौंपा गया।
गन्ना समिति कार्यालय पर आयोजित बैठक में प्रदेश महामंत्री कैलाश लांबा ने कहा कि किसानों का गन्ना अब तक खेतों में खड़ा है, लेकिन उन्हें पर्चियां नहीं मिल रही हैं। भाजपा सांसद मेनका गांधी की गन्ना बोने पर की गई टिप्पणी से किसान आहत हैं। जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान न होने से किसानों को कई-कई दिन तक लाइन में खड़े होकर गेहूं बेचना पड़ रहा है, क्रय केंद्रों पर घटतौली भी की जा रही है। समिति में ही आए तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया।
जिसमें ट्यूबवेल बिल की बढ़ी दर तत्काल वापस लेने, 31 मार्च तक बिजली बिल जमा कर चुके किसानों को सरचार्ज में छूट देने, गेहूं क्रय केंद्रों पर मजदूरों की व्यवस्था करने, ऋण जमा न करने वाले किसानों का उत्पीड़न रोकने, 14 दिन के अंदर गन्ना भुगतान कराने, प्रधानमंत्री से किसानों का शत प्रतिशत कर्ज माफ कराने और लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता ठाकुर सिंह ने की। बैठक में हरि सिंह चौहार, अंकुर चौधरी, जयपाल सिंह, सत्यपाल सिंह, शकील अहमद, आत्माराम सिंह, हरगूलाल सिंह, घसीटा सिंह, निखिल त्यागी, ओमकार सिंह राठी आदि मौजूद रहे।