बिहार की युवती को परिजनों को सौंपा
बिजनौर। लगभग दो साल से लापता बिहार की एक युवती को वन स्टॉप सेंटर स्टाफ की ओर से परिजनों को सौंप दिया गया। केंद्र प्रशासक के अनुसार 15 अगस्त को थाना कोतवाली शहर को गुमशुदा नाजनी लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने उसे वन स्टाप सेंटर में पहुंचाया दिया था। वहां पर उसका उपचार शुरू करा परिजनों की खोज शुरू की गई।
जिला अस्पताल में स्थित वन स्टॉप सेंटर संचालित है। किसी भी कारण से अपनों परिजनों से बिछुड़ने वाली लड़कियों और महिलाओं को रखकर उनकी देखभाल की जाती है। केंद्र की प्रशासक रुश्ना जैदी के अनुसार केंद्र में एक युवती घायलावस्था में आई थी। उसे अल्पावास में पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। करीब दो साल पहले बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली एक युवती किसी कारण अपने घर से लापता हो गई थी। वन स्टॉप सेंटर में युवती की काउंसिलिंग की गई, जिसमें उसने अपना नाम नाजनी बताया था। वह मानसिक रूप से कमजोर है। गहन पूछताछ करने पर उसने अपने घर का फोन नंबर दिया। इस पर संपर्क करने पर युवती के पिता तारिक हुसैन ने अपनी पुत्री के नाम और पते के बारे में सही जानकारी दी। इसके बाद शनिवार को नाजनी के परिजन वन स्टॉप सेंटर बिजनौर आए, जहां से कोतवाली शहर पुलिस ने नाजनी की सपुर्दगी उसके भाई तनवीर उर्फ चांद, दूसरे भाई यासमीन को कर दी गई।