- उत्तराखंड, यूपी, हरियाणा, दिल्ली राज्यों के हजारों यात्रियों के उपयोग का स्टेट हाइवे
- 250 करोड़ की परियोजना अधर में, 12 साल में बना पुल, सड़क निर्माण अब तक नहीं
आलम फरीदी
जलीलपुर। कहावत है 12 बरस में कूड़ी के भी भाग जाग जाते हैं। मगर, यहां तो गंगा पुल से सुहाने सफर की आस में 16 साल बीत गए है। वर्ष 2008 में गंगा पर पुल निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। पुल व सड़क आदि का निर्माण पूरा कर 2011 में पुल से आवागमन शुरू कराने का लक्ष्य था। मुख्य पुल के साथ अन्य पुलों और सड़क पर करीब 100 करोड़ खर्च कर लोक निर्माण विभाग ने ‘मार्ग बंद हैं’ का बोर्ड लगा दिया।
बिजनौर के ब्लाॅक जलीलपुर और मेरठ के ब्लाॅक हस्तिनापुर के बीच गंगा पर यह पुल बना है। सड़क की खराब हालत के चलते इस मार्ग से आवागमन बंद कर दिया गया है। 2008 में गंगा नदी पर पुल निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। पुल, सड़क आदि का निर्माण कार्य पूर्ण कर साल 2011 में लोकार्पण होना था।
बीते 16 साल में इस परियोजना का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। 12 साल में पुल तो बनकर तैयार हो गया, मगर इसके दोनों ओर स्टेट हाइवे मानक अनुसार सड़क व गाइड बंध का निर्माण नहीं हो सका। जो सड़क निर्माण किया गया था, वह भी ग्रामीण सड़कों की तरह सिर्फ 3.75 मीटर चौड़ाई की थी।
2020 में पुल निर्माण होने के बाद भी इससे होकर सफर सुहाना नहीं हो सका। कभी सड़क बाढ़ में बह गई। कभी पुल के निकट गंगा में समा गई। जो बची उसकी भी मरम्मत नहीं हुई। सुरक्षा कारणों को दृष्टिगत रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर ‘मार्ग बंद हैं’ का बोर्ड लगा दिया है।
अनुमानित बजट 250 करोड़ रुपये के पार
16 साल पहले 16 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट के साथ गंगा पर पुल निर्माण का कार्य शुरू किया था। विभिन्न कारणों से पुल निर्माण में 12 वर्ष लगे। 2020 में पुल बनकर तैयार हो गया। पुल निर्माण का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने किया। 16 साल से यह परियोजना अधर में है। बार बार संशोधित प्राक्कलन (रिवाइज इस्टीमेट) बनता रहा। इसके चलते बजट 250 करोड़ रुपये को पार कर गया।
नाम का स्टेट हाइवे
गंगा पर पुल निर्माण के साथ ही 20 फरवरी 2020 को शासनादेश जारी कर बहसुमा-ठाकुरद्वारा-जसपुर नाम से नया स्टेट हाइवे 147 बनाया गया। गंगा पुल से होकर जाने वाले इस मार्ग की कुल लंबाई 113 किलोमीटर है। इस स्टेट हाइवे में बिजनौर की पुलिस चौकी पांडवनगर से भीकुंड के निकट हस्तिनापुर रामराज तिराहे तक का करीब 10 किलोमीटर का टुकड़ा खराब स्थिति में है।
बजट के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। बजट स्वीकृति मिलते ही काम शुरू किया जाएगा। - सतेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मेरठ