नजीबाबाद में सिखों के पांचवें गुरु श्री गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस अपार श्रद्घा से मनाया गया। गुरु साहिब की शहादत और गुरु इतिहास सुनने के साथ श्रद्घालुओं ने शिविर लगाकर राहगीरों को शर्बत पिलाया।
गुरुद्वारा नानकशाही श्री गुरु सिंह सभा में मुख्य ग्रंथी ज्ञानी उपकार सिंह की देखरेख में रविवार की सुबह अखंड पाठ साहिब का समापन हुआ। लुधियाना से आए भाई दिनेश सिंह, नजीबाबाद के हुजूरी रागी भाई कल्याण सिंह के जत्थे एवं बीबी गुरजीत कौर ने शबद कीर्तन से संगत को निहाल किया। ज्ञानी उपकार सिंह ने गुरु इतिहास पर चर्चा करते हुए बताया कि 15 अप्रैल 1563 को गुरु रामदास साहिब और माता भानी के घर गोविंदवाल साहिब में अवतरित हुए गुरु अर्जुन देव जी वर्ष 1581 को गुरतागद्दी मिली। शांति के प्रतीक गुरु अर्जुन ने श्री गुरु ग्रंथ का संपादन एवं स्थापना की। अधर्म और अन्याय के खिलाफ अडिग रहते हुए उन्होंने 1606 में लाहौर (पाकिस्तान) में शहादत प्राप्त की।
भाई कल्याण सिंह ने आनंद साहिब का पाठ किया। अरदास एवं हुकुमनामे के साथ दीवान की समाप्ति पर अखंड पाठ की सेवा के लिए सत्री सत्संग मंडल की जत्थेदार हरविंदर कौर, छबील (शर्बत शिविर) की सेवा के लिए गुरमीत सिंह धवन, वरिंदर पाल सिंह को सिरोपा भेंट किया गया। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान बलबीर सिंह, सचिव जितेंद्र कक्कड़ की देखरेख में हुए कार्यक्रम के समापन पर लंगर वरताया गया। उधर, सुभाष नगर, बड़िया, जट्टीवाला, ताहरपुर, लालवाला सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थित गुरुद्वारों में श्री सुखमनी साहिब के पाठ कर दीवान सजाए गए। सिख समाज की ओर से कई जगहों पर शर्बत शिविर भी लगाए गए।
हल्दौर में अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा कमेटी की ओर से जगह-जगह स्टाल लगाकर राहगीरों को मीठा शर्बत पिलाया गया। रेलवे फाटक, रेलवे स्टेशन और गुरुद्वारा के मेन गेट पर लगाए गए स्टाल में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान हरवेंद्र सिंह राजू, डॉक्टर एसएस गुजराल, अमरजीत सिंह, दलीप सिंह गुजराल, जसवेंद्र सिंह सलूजा, मनजीत सिंह बंटी, इंद्रजीत सिंह राठौड़, कुलदीप सिंह दिगवा, डॉक्टर हरपाल सिंह, त्रिवेंद्र सिंह आदि का सहयोग रहा।
स्योहारा में गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी दिवस गुरुद्वारा सिंह सभा में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। अखंड पाठ की समाप्ति के बाद ज्ञानी गौतम सिंह ने शबद गायन कर गुरु जी को श्रद्धांजलि दी। अमृतसर दरबार साहिब से आए प्रचारक साथी जगदेव सिंह ने कथा विचार कर गुरु जी के शहीदी जीवन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शहर के मुस्लिम परिवार हाजी सहादत हुसैन के पौत्र मोहम्मद सैफी पुत्र मोहम्मद अफरोज जमाल को पद्मश्री पुरस्कार में नामित होने तथा नूरपुर के सरदार जोगिंदर सिंह के पुत्र गुरमीत सिंह का भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन होने पर कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। अमृतसर से आए जगदेव सिंह और कमेटी संरक्षक डा. एचएस कालरा ने इन्हें सरोपा और शील्ड देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रविंद्र सिंह, अरविंदर सिंह, पृथ्वीपाल सिंह, बलवीर सिंह, अवतार सिंह, नवदीप सिंह, कंवलजीत सिंह, अमनदीप सिंह, जगदीप सिंह, सिमरन रेशू आदि ने सहयोग किया। गुरुद्वारे तथा बाजार में शर्बत की छबील लगाई गई।
धामपुर में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की ओर से गुरु अर्जुन देव जी का शहीदी पर्व श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया गया। गुरू घर के सेवक देवेंद्र सिंह, सरदार हरभजन सिंह व सरदार सतवंत सिंह सलूजा के परिवार की ओर से तीन दिवसीय श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति कराई गई। सेवादार सतपाल सिंह व शेर सिंह ने गुरुवाणी से संगत को निहाल किया। पंजाब से आए रागी जत्थे के जत्थेदार भाई विरसा सिंह, अमृतसर से आए प्रचारक भाई हरविंदर सिंह ने सिख इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन पर सलूजा परिवार की ओर से अतिथियों को पुरस्कार भेंट कर अतिथियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान कई स्थानों पर मीठे शर्बत की छबील भी लगाई गई। गुरुचरण सिंह चावला, अमरजीत सिंह चावला, गुरप्रीत सिंह चावला, गुरु शरण सिंह मोहन, ज्ञानचंद जुनेजा, मोती शर्मा आदि रहे।
राहगीरों को शर्बत पिलाया
बिजनौर में गुरू अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर बिजनौर शुगर मिल की ओर से छबील लगाकर राहगीरों को शर्बत पिलाया गया। मिल के मुख्य द्वार पर शिविर लगाया गया। कर्मचारियों ने वहां से गुजरने वाले सभी राहगीरों और दुकानदारों को शर्बत पिलाया। प्रशासनिक अधिकारी एके सिंह ने बताया कि गुरुओं ने हमें सच्चाई, देशसेवा और बलिदान का रास्ता दिखाया है। हमें गुरुओं की सीख को जीवन में अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए। कर्मचारियों को प्रसाद भी वितरित किया गया। इस दौरान केके अग्रवाल, अरविंद गोल्डी, शशांक रामाज्ञा जोशी, राजेंद्र कुमार, हरजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
शहीदी पर्व पर सुखमनी साहिब का पाठ किया
अफजलगढ़ में गुरुद्वारा माता साहिब कौर जी भलाई केंद्र चकफेरी में श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे 40 दिवसीय सुखमनी साहिब के पाठ का समापन हो गया। इस मौके पर छबील लगाकर शर्बत पिलाया गया। उन्होंने गुरु के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। तत्पश्चात गुरु का भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों सिख संगत ने भाग लेकर धर्म लाभ उठाया। कार्यक्रम के आयोजन मे जोगेंद्र सिंह, मलूक सिंह, रतन सिंह, केवल सिंह, बलकार सिंह, गुरविंदर सिंह, सुखबीर सिंह तथा सुखदेव सिंह भुल्लर का सहयोग रहा।