कालागढ़ में इरेक्टर हॉस्टल की दीवार पर बैठा गुलदार। स्रोत विडियोग्रोव
कालागढ़। कालागढ़ के पार्क में गुलदार की बाघों की आमद से आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में है। जलविद्युत निगम के कार्यालय व इरेक्टर हॉस्टल परिसर में गुलदार के परिवार ने डेरा डाल दिया है।
कालागढ़ में वन्यजीवों का आना व दिखाई दे जाना आम बात है। अब यहां के सरकारी कार्यालयों व इरेक्टर हॉस्टल के परिसर भी वन्यजीवों के विचरण स्थल बन गए हैं। यहां कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मियों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो रहा है। दो गुलदार व शावक इस क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। यह इरेक्टर हॉस्टल की दीवार पर चढ़कर उसके परिसर में विचरण करता है, जबकि यहां दो अधिशासी अभियंता, एक सहायक अभियंता, मैस कर्मी व चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात हैं। इसके निकट ही उपमहाप्रबंधक का कार्यालय स्थित है। गुलदार परिवार तारबाढ़ को पार कर कार्यालय के बगीचे में डोलते रहते हैं। इस कार्यालय में कर्मी व अधिकारी आते जाते हैं।
हाई सिक्योरिटी जोन है यह क्षेत्र
कालागढ़ में महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान इस इरेक्टर हॉस्टल को विशेष कक्ष बनाया जाता रहा है। अब यहां गुलदार का डेरा है। पास में ही कार्बेट टाइगर रिजर्व का जुबली गेट व चौकी भी स्थित है।
सुरक्षा कर्मी रात में आता है गुलदार दिन में भी आता है
काॅलोनी प्रभारी अभियंता तनवीर अहमद का कहना है कि गुलदार के सक्रिय होने, कार्यालय व हॉस्टल परिसर में आने से सुरक्षा के लिए रात्रि में सशस्त्र सुरक्षा कर्मी तैनात किया गया है। दूसरी ओर गुलदार दिन में भी आता है। इस मामले में वन विभाग को लिखा जा रहा है। वन विभाग की अनुमति मिलने पर चाहरदीवारी पर सौर तार बाढ़ लगाई जाएगी।