गुलदार ने वन्यजीव को बनाया निवाला
मंडावर (बिजनौर)। गांव मोहंडिया के जंगल में गुलदार ने वन्यजीव को निवाला बना लिया। गुलदार शिकार को करीब 300 मीटर तक खींचकर खेत में ले गया। गांव वाले खेतों पर लाठी डंडे लेकर पहुंच गए, लेकिन गुलदार के नहीं मिलने पर वापस चले गए। गुलदार के शिकार करने से गांव वालों में दहशत है।
गुलदार की लोकेशन गांव मोहंडिया में मिलने पर वहां सात पिंजरे लगाए गए थे। ट्रैप कैमरों में गुलदार के फोटो भी कई बार कैद हुए। इसके बाद गुलदार कई दिन तक पास के गांव रतनपुर में दिखाई दिया। बाद में मोहंडिया में गुलदार दिखना बंद हो गया। वन विभाग के कर्मचारियों को लगा कि गुलदार अब रतनपुर के जंगल की ओर चला गया है। गांव रतनपुर में चार दिन पहले पिंजरा लगाया गया था। रविवार को मोहंडिया के किसान खेत की ओर गए तो वहां खून व किसी को घसीटे जाने के निशान मिले। गुलदार के पंजों के निशान भी थे। गांव वाले समझ गए कि गुलदार किसी शिकार को मारकर खेत में ले गया है। खून के निशान गन्ने के एक खेत की ओर जा रहे थे। गांव वाले वहां लाठी डंडे लेकर इकट्ठा हो गए और वन विभाग के कर्मचारियों को बुलाया। एसडीओ इम्तियाज सिद्दीकी, रेंजर शरद गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने गांव वालों को सतर्क करके वापस भेज दिया। रेंजर शरद गुप्ता के अनुसार वन्यजीवों का शिकार करना गुलदार की प्रवृत्ति है। गुलदार ने रात में किसी वन्यजीव का शिकार किया है।
कुत्ते को बनाया निवाला
छाछरी मोड़। गांव छाछरीटीप में किसी समय गुलदार ने एक कुत्ते को निवाला बनाया। अवशेष को गुलदार पेड़ पर ही छोड़ गया। गांव वालों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। ग्रामीण शरद कुमार, सौपाल सिंह, नरपाल सिंह, अनुराग आदि ने इसकी शिकायत वन विभाग बिजनौर शरद गुप्ता से की। रेंजर ने कहा कि शिकार करना गुलदार की प्रवृत्ति है। गुलदार तो जंगल में ही रहते हैं । रेंजर बिजनौर के इस कथन से ग्रामीणों में तीव्र रोष है।