बिजनौर में सड़क दुर्घटना में माता-पिता और भाई को खो देने वाली युवती मोनिका के अगले 48 घंटे जिंदगी के लिए काफी अहम हैं। हालांकि चिकित्सक हालत में कुछ सुुुधार होने की बात कह रहे हैं। उधर, सोमवार सुबह नम आंखों के बीच कोटद्वार में सराफा दंपति और उनके युवा पुत्र के शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
नजीबाबाद से पांच किलोमीटर दूर गांव प्रतापपुर के सामने रविवार सुबह सड़क हादसे में कोटद्वार के सराफा कारोबारी राजेश आनंद, उनकी पत्नी लक्ष्मी आनंद और युवा पुत्र मोहित आनंद की मौत हो गई थी। उनकी पुत्री मोनिका (18) अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रही है।
चिकित्सकों ने हालांकि हालत में कुछ सुधार होने की बात कही है, लेकिन अगले दो से तीन दिन तक कुछ कह पाने में असमर्थता जताई। उधर, सोमवार सुबह कोटद्वार के सराफा प्रतिष्ठान सहित बाजार में अधिकांश दुकानें शोक में बंद रहीं। गोविंद नगर में जब एक साथ तीन अर्थियां उठीं हर किसी की आंखें नम हो गई आैर हर आदमी स्तब्ध ही रह गया।