सरकारें बदलती रहीं, बाढ़ की समस्या जस की तस
चांदपुर/जलीलपुर। विधायक बनते रहे, सरकार बदलती रही, मगर जलीलपुर क्षेत्र के दर्जनों गांव के लोग गंगा नदी की बाढ़ से जूझते रहे। प्रत्येक वर्ष हजारों बीघा फसल गंगा के पानी से प्रभावित हो रही है। प्रत्येक एक-दो साल में ज्यादा पानी आने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती हैं।
चांदपुर विधानसभा में जलीलपुर क्षेत्र के गांव फैजीपुर, ढोलनपुर, सलेमपुर, मीरापुर सीकरी, जलालपुर खादर, रायपुर खादर, नारनौर, जमालुदीनपुर, दत्तियाना, सुजातपुर खादर, स्याली, मुजफ्फरपुर खादर, हुसैनपुर खासा, ठेट, कुमरिया आदि के किसानों की कई हजार बीघा जमीन प्रत्येक वर्ष गंगा नदी की बाढ़ से प्रभावित होती रहती है। गंगा नदी में ज्यादा उफान आने पर खेतों में लंबे समय तक पानी भरा रहता है, जिसके चलते फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाती हैं।
बाढ़ की समस्या बढ़ी
चांदपुर विधानसभा के जलीलपुर व हस्तिनापुर के बीच गंगा नदी पर पुल बनने के बाद जलीलपुर क्षेत्र में बाढ़ की समस्या बढ़ी हैं। पुल के दोनों ओर सड़क का निर्माण हो जाने से गंगा नदी के पानी की निकासी का रास्ता संकरा हो गया है। अब गंगा का पानी केवल पुल के नीचे से ही निकल सकता हैं। बरसात में पानी का बहाव ज्यादा होने पर गंगा का पानी पुल के दोनों ओर बनी सड़क से रुककर खेतों में भर जाता हैं।
गंगा पर बंधा बनवाने की मांग
गांव रायपुर खादर के किसान करतार सिंह, मीरापुर सीकरी के किसान गुरविंदर सिंह, दतियाना के किसान निखिल त्यागी, सलेमपुर के किसान जोगिंदर सिंह आदि ने गंगा नदी के किनारों पर बंधा बनवाने की मांग की है।